नार्थ मैसिडोनिया

नार्थ मैसिडोनिया बनेगा नाटो का सदस्य

नार्थ मैसिडोनिया की संसद ने हाल ही में उत्तरी अटलांटिक संधि को मंज़ूरी दी। इसके बाद नार्थ मैसिडोनिया भी नाटो का सदस्य बन सकेगा। पहले नार्थ मैसिडोनिया का नाम मैसिडोनिया था, जिसका पड़ोसी देश ग्रीस द्वारा विरोध किया जाता था, क्योंकि मैसिडोनिया नामक स्थान ग्रीस में भी मौजूद है। इसके बाद ग्रीस ने नार्थ मैसिडोनिया को नाम में परिवर्तन करने के लिए कहा। तत्पश्चात ग्रीस ने नाटो और यूरोपीय संघ में नार्थ मैसिडोनिया के प्रवेश पर आपत्ति को हटा दिया।

नाटो (North Atlantic Treaty Organization)

इसकी स्थापना 4 अप्रेल 1949 को हुई थी। इसका मुख्यालय ब्रुसेल्स, बेल्जियम में है। आरम्भ में नाटो के सदस्यों की संख्या 12 थी, अब यह सदस्य संख्या 29 देश है। नाटो का सबसे नया सदस्य मोंटेनीग्रो है, यह 5 जून, 2017 को नाटो का सदस्य बना था। नाटो के सभी सदस्यों की संयुक्त सैन्य खर्च दुनिया के रक्षा व्यय का 70% से अधिक है, जिसका संयुक्त राज्य अमेरिका अकेले दुनिया का कुल सैन्य खर्च का आधा हिस्सा खर्च करता है और ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली 15% खर्च करते हैं।

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भारतीय डाक ने 6 नए देशों के लिए  स्पीड पोस्ट सेवा शुरू की

केन्द्रीय दूरसंचार मंत्रालय के अधीन डाक विभाग ने एशिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका में 6 नए देशों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्पीड पोस्ट सेवा शुरू की है।

मुख्य बिंदु

भारतीय डाक ने बोस्निया व हेर्ज़ेगोविना, ब्राज़ील, इक्वेडोर, कजाखस्तान, लिथुआनिया तथा नार्थ मैसिडोनिया के लिए स्पीड पोस्ट सेवा शुरू की है। इन देशों के लिए देश भर के प्रमुख डाकघरों में एक्सप्रेस मेल सर्विस (EMS) की सुविधा उपलब्ध होगी। भारतीय डाक लगभग 100 देशों के लिए स्पीड पोस्ट की सुविधा मुहैया करवाता है।

एक्सप्रेस मेल सर्विस (EMS)

एक्सप्रेस मेल सर्विस (EMS) एक प्रीमियम सेवा है, इसके द्वारा यूजर कम समय में दस्तावेज तथा मर्चेंडाईज भेज सकते हैं। इसमें वस्तु को इन्टरनेट पर ट्रैक भी किया जा सकता है।

भारतीय डाक

भारतीय डाक की स्थापना 1 अप्रैल, 1854 को की गयी थी, यह केन्द्रीय संचार मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। यह विश्व के सबसे बड़े डाक नेटवर्क में से एक है। भारत को 23 पोस्टल सर्किल में विभाजित किया गया, पोस्टल सर्किल का नियंत्रण चीफ पोस्टमास्टर के अधीन होता है। भारतीय डाक द्वारा सेना डाक सेवा, इलेक्ट्रॉनिक इंडियन पोस्टल आर्डर, पोस्टल जीवन बीमा, पोस्टल बचत, बैंकिंग, डाटा संग्रहण, ई-कॉमर्स इत्यादि सेवाएं प्रदान की जाती है। पोस्टेज स्टैम्प पिन कोड होते हैं जिनके द्वारा किसी स्थान को चिन्हित किया जाता है।

पोस्टल स्टैम्प : इनका उपयोग पोस्टेज तथा सेवाओं में किया जाता है, भारत में विभिन्न थीम युक्त विभिन्न स्टैम्प्स उत्पादित की जातीं हैं। एशियाई में सबसे पहली पोस्टल स्टैम्प भारत में जुलाई, 1852 में बार्टल फ़्रेरे ने जारी की थी।

पिन कोड : पोस्टल इंडेक्स नंबर 6 अंकीय संख्या है, इसकी शुरुआत 15 अगस्त, 1972 को की गयी थी। भारत के 9 पिन क्षेत्रों में से 8 का उप्य्गो भौगोलिक क्षेत्रों के लिए तथा एक का उपयोग आर्मी डाक सेवा के लिए किया जाता है।

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