निर्भय

पाकिस्तान ने एंटी-शिप मिसाइलों का सफल परीक्षण किया गया

25 अप्रैल, 2020 को पाकिस्तान की नौसेना ने उत्तरी अरब सागर में एंटी-शिप मिसाइलों का सफल परीक्षण किया ।

मुख्य बिंदु

इन मिसाइलों को विमान और युद्धपोत से दागा गया था। यह परीक्षण ऐसे समय में किया गया है जब  जब भारत-पाकिस्तान संबंध काफी तनावपूर्ण हैं। इससे पहले भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया था। अनुच्छेद 370 के द्वारा जम्मू और कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा दिया गया था।

एंटी-शिप मिसाइलें

एंटी-शिप मिसाइलें वे मिसाइलें हैं जिनका इस्तेमाल बड़ी नावों और जहाजों के खिलाफ किया जाता है। हिटलर के शासनकाल के दौरान जर्मनी द्वारा पहली एंटी-शिप मिसाइलें विकसित की गई थीं।

भारतीय एंटी-शिप मिसाइलें

भारत के पास ब्रह्मोस, निर्भय, धनुष, ब्रह्मोस II और ब्रह्मोस एनजी जैसी खतरनाक एंटी-शप मिसाइलें हैं। ब्रह्मोस मिसाइलों को भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया था।

निर्भय एंटी-शिप मिसाइल डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन) के तहत संचालित वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान द्वारा विकसित की जा रही है। इस मिसाइल का उड़ान ट्रायल किया जा रहा है। मिसाइल के पहले चरण को ठोस ईंधन और दूसरे चरण को तरल ईंधन का उपयोग किया जाता है। अप्रैल 2019 तक इस मिसाइल के छह सफल परीक्षण पूरे हो चुके हैं।

धनुष मिसाइल डीआरडीओ द्वारा निर्मित की गई थी और यह पृथ्वी III का सतह से सतह पर मार करने वाला संस्करण है।

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अवध्वानिक क्रूज मिसाइल “निर्भय” का सफल परीक्षण किया गया

भारत की पहली स्वदेशी निर्मित अवध्वानिक (सब-सोनिक) क्रूज मिसाइल “निर्भय” का सफल परीक्षण किया गया। इसका परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज में किया गया।

निर्भय मिसाइल

  • निर्भय मिसाइल क्षैतिज तथा लम्बवत तरीके से उड़ान भर सकती है।
  • यह दो चरण वाली मिसाइल है, इसमें एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेटरी (ASL) द्वारा विकसित ठोस राकेट मोटर बूस्टर का उपयोग किया गया है।
  • इस मिसाइल की ऑपरेशनल रेंज लगभग 1,000 किलोमीटर है, यह 300 किलोग्राम तक की विस्फोटक सामग्री अपने साथ ले जाने में सक्षम है, यह मिसाइल परमाणु हथियार भी ले जा सकती है।
  • इस मिसाइल को विभिन्न प्लेटफार्म से लांच किया जा सकता है।
  • यह मिसाइल टर्बोफेन अथवा टर्बो जेट के साथ उड़ान भर सकती है, इसमें  अत्याधिक सटीक इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम का उपयोग किया गया है।
  • यह मिसाइल 0.7 मैक की गति से उड़ान भर सकती है, यह मिसाइल 100 मीटर जितनी कम उंचाई पर भी उड़ान भर सकती है।
  • यह मिसाइल कई मिनट तक लक्ष्य क्षेत्र के चारों ओर चक्कर काटने के बाद सटीकता से लक्ष्य को भेदने में सक्षम है।
  • इस मिसाइल का दुश्मन राडार द्वारा पकड़ा जाना काफी मुश्किल है।
  • इस मिसाइल में स्वदेशी रूप से तैयार किये गये रिंग लेज़र जायरोस्कोप, इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम तथा जीपीएस सिस्टम का उपयोग किया गया है।
  • यह निर्भय मिसाइल का छठवां परिक्षण था। इस मिसाइल ने लिफ्ट-ऑफ से से लेकर अंतिम चरण तक सभी लक्ष्यों को पूर्ण किया।

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