नीति आयोग

नीति आयोग द्वारा शुरू किया गया व्यवहार परिवर्तन अभियान

नीति आयोग ने एक व्यवहार परिवर्तन अभियान ‘नेविगेट द न्यू नोर्मल’ लांच किया।  बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन इस व्यवहार परिवर्तन अभियान के लिए एक भागीदार है।

अभियान का उद्देश्य

जैसा कि देश अब अनलॉक चरण में है, इसका उद्देश्य देश में एक उपयुक्त COVID सुरक्षित व्यवहार विकसित करना है, जैसे कि लोगों को अपनी दिनचर्या के हिस्से के रूप में मास्क पहनने के लिए अनुकूल बनाना। जब तक एक वैक्सीन विकसित नहीं हो जाती, तब तक देश के नागरिकों के लिए यह आवश्यक है कि वे हाथ की सफाई, मास्क पहनने आदि का अभ्यास करके अपने दैनिक जीवन में कुछ व्यवहारगत बदलावों को अपनाएं।

अभियान के बारे में

व्यवहार परिवर्तन अभियान एम्पावर्ड ग्रुप 6 के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। व्यवहार परिवर्तन अभियान के दो भाग हैं:

  • वेब पोर्टल ( http://www.covidthenewnormal.com/): इसमें COVID से सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक व्यवहार मानदंड शामिल हैं।
  • मीडिया अभियान: जैसा कि महामारी ने देश भर में लोगों के आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया है, लोग टेलीविजन या इंटरनेट पर अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं। व्यवहार परिवर्तन अभियान का उद्देश्य विज्ञापन, बच्चों के लिए एनीमेशन, सोशल नेटवर्किंग साइटों पर आभासी जागरूकता अभियानों आदि के माध्यम से देश भर में लाखों लोगों तक पहुंच बनाना है।

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भारत में “Decarbonising Transport in India” प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया

भारत सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट फोरम (ITF) के साथ मिलकर 24 जून को “Decarbonising Transport in India” प्रोजेक्ट लॉन्च किया। यह परियोजना भारत के लिए कम कार्बन परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देना चाहती है। 2008 से, भारत ITF का सदस्य रहा है, जो परिवहन नीति के लिए एक अंतर सरकारी संगठन है। यह परियोजना “उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में डीकारबोनिज़िंग परिवहन” (DTEE) परियोजनाओं का हिस्सा है। भारत, अर्जेंटीना, अजरबैजान और मोरक्को DTEE के वर्तमान प्रतिभागी हैं।

परियोजना का उद्देश्य

देश में जलवायु / जलवायु परिवर्तन से संबंधित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, सरकार के लिए ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिए काम करना आवश्यक है। इस परियोजना के माध्यम से, एक मूल्यांकन ढांचा तैयार किया जाएगा जो भारत में परिवहन उत्सर्जन के लिए बनाया जाएगा।  यह ढांचा सरकार को वर्तमान और भविष्य की परिवहन चुनौतियों पर विस्तृत रूप से इनपुट प्रदान करेगा जो कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन से संबंधित हैं। परियोजना के परिणामों के आधार पर, भारत में कम कार्बन परिवहन प्रणाली की ओर एक मार्ग बनाया जाएगा।

DTEE प्रोजेक्ट

भारत की डीकार्बोनिजिंग ट्रांसपोर्ट पहल डीटीईई परियोजना का एक हिस्सा है। DTEE का पूर्ण स्वरुप Decarbonising Transport in Emerging Economies है। DTEE आईटीएफ की एक परियोजना है जिसके तहत भारत के अलावा, वर्तमान में अर्जेंटीना, मोरक्को और अजरबैजान प्रतिभागी हैं।  DTEE परियोजना के तहत, ITF का लक्ष्य कई परिवहन उप-क्षेत्रों और परिवहन साधनों के लिए डीकार्बोनिजिंग परिवहन प्रणाली के लिए एक सामान्य मूल्यांकन ढांचा तैयार करना है। यह फ्रेमवर्क भाग लेने वाले देशों के इनपुट और डीकोर्बनाइजिंग ट्रांसपोर्ट में उनके विशिष्ट मॉडल के आधार पर बनाया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय परिवहन मंच (ITF)

ITF परिवहन नीति के मुद्दों के लिए एक थिंक टैंक है। इसका मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में है। यह एक अंतर-सरकारी संगठन है।

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