पंचायती राज संस्थान

ओडिशा के राज्य वित्त आयोग ने राज्य में पीआरआई और यूएलबी के लिए 23,848 करोड़ रुपये की सिफारिश की

ओडिशा के 5वें राज्य वित्त आयोग द्वारा अगले छह वित्तीय वर्ष (2020-21 से 2025-26) की अवधि में, ओडिशा राज्य में पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के लिए 23,848 करोड़ रुपये की राशि की सिफारिश की गई है।

आवंटित किए गए ये फंड राज्य में शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए होंगे ताकि इन संस्थानों और निकायों द्वारा विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं और मौजूदा परिसंपत्तियों का रखरखाव किया जा सके।

जिन परियोजनाओं पर धनराशि पीआरआई और यूएलबी द्वारा निवेश की जाएगी: जल निकासी नेटवर्क, स्वच्छता, पेयजल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सार्वजनिक स्वास्थ्य उप केंद्रों और आंगनवाड़ियों का रखरखाव, सड़कों का निर्माण आदि।

फंड्स

  • पंचायत राज संस्थाओं के लिए 15,715.60 करोड़ रुपये
  • शहरी स्थानीय निकायों के लिए 8,132.52 करोड़ रूपये

ये धनराशि सीधे ‘PRIA Soft’- पंचायती राज संस्थाओं के लेखा सॉफ्टवेयर का उपयोग करके पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों) के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी। फंड ट्रांसफर के लिए PRIA सॉफ्ट को IFMS- इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम के साथ एकीकृत किया जाएगा।

यह फंड एक वित्तीय वर्ष में दो किश्तों में स्थानांतरित किया जाएगा: पहली किश्त मई-जून में महीनों में जारी की जाएगी जबकि अक्टूबर-नवंबर के महीने में दूसरी किश्त जारी की जाएगी। जारी की जाने वाली दूसरी किश्त के लिए, यूएलबी और पीआरआई को 30 प्रतिशत काम पूरा करना होगा जो उन्होंने वित्तीय वर्ष में प्रदान की गई पहली किश्त के तहत शुरू किया था।

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