पंजाब

पंजाब में की जाएगी भारत के पहले अंतर-धर्म अध्ययन संस्थान की स्थापना

भारत सरकार ने भाईचारे व विविधता को बढ़ावा देने के लिए पंजाब में अंतर-धर्म अध्ययन संस्थान शुरू करने का निर्णय लिया है। यह गुरु नानक देव की 550वीं जयंती समारोह का हिस्सा है। इस संस्थान के लिए राज्य सरकार निशुल्क भूमि उपलब्ध करवाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु नानक देव की 550वीं जयंती समारोह के लिए की राष्ट्रीय क्रियान्वयन समिति का गठन किया। इस समिति का गठन केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में किया गया है। केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली तथा राज्य संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा इस समिति के सदस्य हैं।

गुरु नानक देव की 550वीं जयंती

केन्द्र सरकार ने गुरु नानक देव की 550वीं जयंती को राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के फैसला लिया है। इस उत्सव में विभिन्न किस्म की गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कीर्तन, प्रभात फेरी, कथा, लंगर जैसी धार्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। इसके अलवा कई शैक्षणिक गतिविधियों जैसे सेमिनार, कार्यशाला तथा भाषण इत्यादि का आयोजन किया जायेगा। इस इवेंट में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति नॉलेज पार्टनर होगी।

सरकार पंजाब में सुल्तानपुर लोधी का विकास भी करेगी, इस स्थान पर गुरु नानक देव ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा व्यतीत किया। इस शहर को विरासत शहर (पिंड बाबे नानक दा) के रूप में स्थापित किया जाएगा। इस स्थान पर एक उच्च क्षमता युक्त टेलिस्कोप भी स्थापित किया जायेगा, इस टेलिस्कोप की सहायता से पाकिस्तान में करतारपुर साहिब को देखा जा सकेगा, करतारपुर साहिब में गुरु नानक देव ने अपने जीवन का अंतिम समय व्यतीत किया। इस इवेंट के उपलक्ष्य आर्थिक मामले विभाग, वित्त मंत्रालय तथा डाक विभाग गुरु नानक देव की स्मृति में सिक्के तथा पोस्टल स्टैम्प भी जारी करेंगे।

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पंजाब बना हुक्का बार पर प्रतिबन्ध लगाने वाला देश का तीसरा राज्य

पंजाब हुक्का बार पर प्रतिबन्ध लगाने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। इससे पहले महाराष्ट्र और गुजरात हुक्का बार पर पहले ही प्रतिबन्ध लगा चुके हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन निषेध तथा व्यापार, उत्पादन, आपूर्ति तथा विनिमय नियम)(पंजाब संशोधन) बिल, 2018 को मंज़ूरी दिए जाने के बाद यह प्रतिबन्ध लागू किया गया। इसका उद्देश्य राज्य में तम्बाकू से होने वाले रोगों की रोकथाम करना है।

पृष्ठभूमि

इस विधेयक को पंजाब विधानसभा में मार्च, 2018 में प्रस्तुत किया गया था। इसका उद्देश्य तम्बाकू के विभिन्न प्रकार के उपयोग तथा इससे होने वाली बीमारियों पर रोक लगाना था। पंजाब में बड़े पैमाने पर इन हुक्का बार की मौजूदगी के कारण इन पर प्रतिबन्ध लगाने के निर्णय लिया गया। इसके अलावा इन हुक्का बार में नशीली दवाओं के सेवन की शिकायतें भी सरकार को प्राप्त हुई थीं।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

हुक्का धुम्रपान करने से विषैले रसायन शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिन्हें जल के द्वारा फ़िल्टर नहीं किया जाता। इससे टीबी जैसे  संक्रामक रोग होने की सम्भावना होती है। तम्बाकू के निरंतर सेवन से कैंसर भी हो सकता है।

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