पनडुब्बी

भारतीय नौसेना में पहले DSRV वेसल को शामिल किया गया

भारतीय नौसेना में पहले DSRV (Deep Submergence Rescue Vessel) वेसल को शामिल किया गया। इसके साथ ही भारत उन चुनिन्दा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जिनके पास यह आधुनिक वेसल हैं। वर्तमान में अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम, स्वीडन तथा ऑस्ट्रेलिया के पास DSRV हैं। DSRV (Deep Submergence Rescue Vessel) वेसल के द्वारा आपातकालीन स्थिति में पनडुब्बी की खोज व बचाव कार्य किया जाता है।

DSRV

DSRV वेसल (Deep Submergence Rescue Vessel) का उपयोग डूबी (दुर्घटनाग्रस्त) पनडुब्बियों से सैनिकों को बचाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग कई अन्य कार्यों जैसे महासागरीय तट में केबल बिछाने इत्यादि के लिए भी किया जाता है।

मुख्य बिंदु

इस DSRV वेसल (Deep Submergence Rescue Vessel) मुंबई के नौसैनिक अड्डे पर रखा गया है, मुसीबत में पनडुब्बी के बचाव के लिए इस वेसल को हवा, पानी अथवा ज़मीन किसी भी मार्ग से घटनास्थल पर पहुँचाया जा सकता है। इसके अलावा दूसरे DSRV वेसल (Deep Submergence Rescue Vessel) को 2019 में विशाखापत्तनम में शामिल किया जायेगा।

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नौसेना ने हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के साथ 2 डाइविंग सपोर्ट वेसल के निर्माण के लिए किया अनुबंध

भारतीय नौसेना ने हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के साथ 2 डाइविंग सपोर्ट वेसेल के निर्माण के लिए अनुबंध किया है। इससे पनडुब्बी व तट पर भारतीय नौसेना के कार्यशीलता में वृद्धि होगी।

मुख्य बिंदु

पहले डाइविंग सपोर्ट वेसल का निर्माण 36 महीने के दौरान किया जायेगा, इसके 6 महीने बाद दूसरे वेसल का निर्माण किया जायेगा। इस वेसल को विशाखापत्तनम और मुंबई में तैनात किया जायेगा। इनकी लम्बाई 118 मीटर होगी तथा इनकी जल विस्थापन क्षमता 7,650 टन होगी। इन वेसल में डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू वेसल का उपयोग किया जाएगा, इससे राहत व बचाव कार्यों में कुशलता में वृद्धि होगी। यह वेसल 650 मीटर की गहराई में पनडुब्बी बचाव कार्य कर सकते हैं।

आवश्यकता

भारतीय नौसेना हिन्द महासागर क्षेत्र भारत की जल सीमा की सुरक्षा करने के अलावा में पनडुब्बी बचाव, परीक्षण, जलमग्न निरीक्षण तथा सागर में एयरक्राफ्ट व समुद्री जहाज़ के अवशेष की रिकवरी इत्यादि का कार्य भी करती है। इस सभी कार्यों के लिय गोताखोर ऑपरेशन की ज़रूरत होती है और इसके लिए गोताखोरों को लम्बे समय तक पानी के अन्दर रहना पड़ता है। इस कार्य के लिए गोतोखोरों के लांच, रिकवरी तथा उपकरणों को ले जाने के लिए उपयुक्त  प्लेटफार्म की आवश्यकता पड़ती है। इस कार्य डाइविंग सपोर्ट वेसल काफी उपयोगी सिद्ध होंगे।

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