पी.वी. रमेश

पी.वी. रमेश को राष्ट्रीय अभिलेखागार का महानिदेशक चुना गया

कैबिनेट नियुक्ति समिति ने हाल ही पी.वी. रमेश को राष्ट्रीय अभिलेखागार का महानिदेशक चुना गया। वर्तमान वे ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।

राष्ट्रीय अभिलेखागार

भारतीय अभिलेखागार की स्थापना में सैंडमैन की रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण थी, वे सिविल ऑडिटर थे, उन्होंने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को “ग्रैंड सेंट्रल आर्काइव” में स्थानांतरित करने के महत्त्व पर बल दिया था। 1889 में एलफिंस्टोन कॉलेज, बॉम्बे के प्रोफेसर से जी. डब्ल्यू. फारेस्ट को भारत सरकार के विदेश विभाग के रिकॉर्ड की छान-बीन करने का कार्य सौंपा गया था। उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन के सभी रिकार्ड्स को केन्द्रीय भंडार में स्थानांतरित करने की अनुशंसा की थी। इसके पश्चात् 11 मार्च, 1891 को कलकत्ता में इम्पीरियल सेक्रेटेरिएट भवन में इम्पीरियल रिकार्ड्स डिपार्टमेंट (IRD) की स्थापना की गयी थी।

1911 में इम्पीरियल रिकार्ड्स डिपार्टमेंट को दिल्ली स्थानांतरित किया गया। स्वतंत्रता के बाद भारत सरकार ने इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय अभिलेखागार कर दिया। वर्तमान में राष्ट्रीय अभिलेखागार को संस्कृति मंत्रालय से जोड़ा गया है। इसके क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल में स्थित है, इसके तीन रिकॉर्ड केंद्र जयपुर, पुदुचेरी तथा भुबनेश्वर में स्थित है।

 

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