पुर्तगाल

भारत ने जर्मनी में म्युनिक सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लिया

म्युनिक सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन जर्मनी में 14 फरवरी, 2020 से 16 फरवरी, 2020 के दौरान किया जा रहा है। इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा किया जा रहा है।

मुख्य बिंदु

इस सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जॉर्जिया, पुर्तगाल और लिथुआनिया के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। पुर्तगाल के राष्ट्रपति इन दिनों भारत की यात्रा पर आये हैं। इसके अलावा पुर्तगाल के पास यूरोपीय संघ की परिषद् की अध्यक्षता भी है। इससे यूरोपीय संघ के साथ भारत के रिश्ते भी बेहतर होंगे।

म्युनिक सुरक्षा सम्मलेन

यह सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर चर्चा के लिए विश्व के अग्रणी फोरम में से एक है। इस सम्मेलन में प्रतिवर्ष 70 देशों से 350 से अधिक अधिकारी हिस्सा लेते हैं। इसमें राष्ट्र प्रमुख, सांसद, सशस्त्र बलों के प्रमुख, बिज़नेस व मीडिया प्रमुख भी हिस्सा लेते हैं। इसकी स्थापना 1963 में की गयी थी।

इस इवेंट के साथ-साथ साइबर सुरक्षा शिखर सम्मेलन तथा उर्जा सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन भी किया जाता है। साइबर सुरक्षा सम्मेलन को 2012 में लांच किया गया था। जबकि उर्जा सुरक्षा सम्मेलन को 2013 में लांच किया गया था।

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भारत और पुर्तगाल ने 7 समझौतों पर हस्ताक्षर किये

पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सौसा की चार दिवसीय भारत यात्रा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात है। उनकी भेंट के बाद दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।

मुख्य बिंदु

दोनों देशों ने संस्कृति, परिवहन, निवेश, उद्योग तथा बौद्धिक संपदा अधिकार इत्यादि के सम्बन्ध में समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये। इस दौरान लोथल में विश्व स्तरीय समुद्री धरोहर काम्प्लेक्स की स्थापना के विकास के लिए भी समझौते पर हस्ताक्षर किये गये।

भारत सरकार ने इस जॉइंट वेंचर के लिए 2020-21 के बजट में धनराशी आबंटित की है। 2020-21 के बजट में संस्कृति मंत्रालय के लिए 3,150 करोड़ रुपये तथा पर्यटन मंत्रालय के लिए 2,500 करोड़ रुपये आबंटित किये गये हैं। इस फण्ड में से कुछ राशि का उपयोग लोथल में समुद्री संग्रहालय के निर्माण के लिए किया जायेगा। यह कार्य पुर्तगाल सरकार की सहायता से किया जायेगा।

इस फण्ड का उपयोग पांच पुरातत्व स्थलों के विकास के लिए भी किया जायेगा, यह स्थान हैं : आदिचनाल्लुर (तमिलनाडु), शिवसागर (असम), हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश), धोलावीरा (गुजरात) तथा राखीगढ़ी (हरियाणा)। इसके अलावा झारखण्ड के रांची में एक जनजातीय संग्रहालय की स्थापना भी की जायेगी।

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