पोबितारा वन्यजीव अभ्यारण्य

भारत में गैंडे के डीएनए डेटाबेस तैयार किया जायेगा

केन्द्रीय पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हाल ही में देश में मौजूद गैंडों के डीएनए का डेटाबेस तैयार करने का निर्णय लिया है। यह प्रोजेक्ट संभवतः 2019 के अंत तक शुरू हो जायेगा। यह प्रोजेक्ट 2021 तक पूरा हो जायेया।

मुख्य बिंदु

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद भारतीय गैंडा देश में डीएनए प्रोफाइल वाला पहला जंतु बना जायेगा। एकत्रित किये गये डाटा को देहरादून में भारतीय वन्यजीव संस्थान के मुख्यालय में रखा जाएगा। यह प्रोजेक्ट “गैंडा संरक्षण कार्यक्रम” का हिस्सा है। अब तक काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के बाहर निवास करने वाले गैंडो के 60 सैंपल एकत्रित किये जा चुके हैं। भारत में लगभग 2600 गैंडे हैं, इनकी 90% जनसँख्या केवल असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में भी मौजूद है।

1980 के दशक से भारत सरकार गैंडों की इस जनसँख्या को अन्य स्थानों पर विस्थापित करने का प्रयास कर रही है, यह इस प्रजाति के संरक्षण के लिए आवश्यक है। इस जनसँख्या को असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान तथा पोबितारा वन्यजीव अभ्यारण्य में विस्थापित किया जा रहा है।

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