प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना

171 अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना से हटाया गया

3 जनवरी, 2020 को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 171 अस्पतालों को फ्रॉड के आरोप में आयुष्मान भारत योजना से हटाया (डी-एम्पैनल) कर दिया गया है। इन पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने 4.5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उत्तराखंड और झारखण्ड में 6 अस्पतालों पर FIR भी दर्ज की गयी है।

एंटी-फ्रॉड यूनिट्स ने यह पाया कि कई निजी अस्पताल नकली ई-कार्ड तैयार कर रहे हैं, जबकि यह कार्य राज्य स्वास्थ्य एजेंसी का होता है। इस तरह के कई मामले छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब में पाए गये।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत)

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक सरकारी स्वास्थ्य योजना है, इसके तहत एक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इसका लाभ किसी सरकारी व कुछ एक निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है।  इस योजना को राष्ट्रीय स्वस्थ्य एजेंसी द्वारा लागू किया जा रहा है।

इस योजना के लिए 60% योगदान केंद्र द्वारा दिया जाता है, जबकि शेष राशी राज्यों द्वारा दी जाती है। इस योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिए नीति आयोग भी साथ में कार्य कर रहा है।

योजना के मुख्य बिंदु

इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या व आयु पर कोई सीमा नहीं है।  इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद के खर्च को भी शामिल किया जायेगा। इस योजना में हॉस्पिटलाईजेशन के दो दिन पहले की दवा, डायग्नोसिस और बेड चार्जेज शामिल हैं। इसके अलावा हॉस्पिटलाईजेशन की अवधि तथा उसके बाद के 15 दिन के खर्च को इसमें कवर किया जायेगा। हॉस्पिटलाईजेशन के लिए रोगी को परिवहन व्यय भी दिया जायेगा।

उपचार के खर्च का भुगतान सरकार द्वारा पहले ही निश्चित किये गए पैकेज रेट पर किया जायेगा। पैकेज रेट में उपचार से सम्बंधित सभी खर्चे शामिल हैं। राज्य व केंद्र शासित प्रदेश इन खर्चों में एक सीमा तक परिवर्तन भी कर सकते हैं।

इस योजना के तहत रोगी का देश भर में हॉस्पिटलाईजेशन निशुल्क होगा। इससे देश के निर्धन वर्ग को काफी सहायता मिलेगी और देश में स्वास्थ्य सुरक्षा अधिक लोगों को प्राप्त हो सकेगी।

इस योजना के तहत लाभार्थी सरकार द्वारा चिन्हित किसी सरकार अथवा निजी अस्पताल से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत वेरिफिकेशन के लिए आधार कार्ड, वोट कार्ड अथवा राशन कार्ड की आवश्यकता पड़ेगी।

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नीति आयोग रिपोर्ट : स्वास्थ्य सुधार

18 नवम्बर, 2019 को नीति आयोग ने ‘Health Systems for a New India: Building Blocks-Potential Pathways to reforms’ नामक रिपोर्ट जारी की, इस रिपोर्ट में भारत में मज़बूत स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के लिए फ्रेमवर्क उपलब्ध करवाया गया है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

इस रिपोर्ट में 4 फोकस क्षेत्रों को चिन्हित किया गया हैं :

  • अधूरे सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंडा को पूरा करना
  • स्वास्थ्य पर होने वाले व्यय में बड़ी बीमा कंपनियों की हिस्सेदारी को बढ़ाना
  • डिजिटलीकरण के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत करना
  • नागरिकों को सशक्त बनाना

रिपोर्ट की सिफारिशें

  • इस रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य पर लोगों की जेब से होने वाले खर्चे को कम करके इसे बीमा कंपनियों से हासिल करने के प्रयास अधिक किये जाने चाहिए। इससे लोगों की क्रय शक्ति बनी रहेगी, जिसका उपयोग वे किसी वस्तु अथवा सेवा के उपभोग के लिए कर सकते हैं।
  • इस रिपोर्ट में कर्नाटक की सुवर्ण आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट के कार्य की अनुशंसा की गयी है। इस ट्रस्ट ने आस-पड़ोस के राज्यों के अस्पतालों को भी एनरोल किया है।
  • इस रिपोर्ट में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार पूरे देश में करने की अनुशंसा की गयी है।

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