प्रधानमंत्री मोदी

भारतीय वायु सेना ने तीन मुख्य परियोजनाओं को स्थगित किया

18 मई, 2020 को भारतीय वायु सेना प्रमुख आर.के.एस. भदौरिया ने घोषणा की कि वायुसेना 8,000 करोड़ रुपये की तीन मुख्य परियोजनाओं को स्थगित कर रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि केंद्र सरकार मेक इन इंडिया पर जोर दे रही है। वर्तमान में, भारत सरकार ने स्वदेशीकरण पर काफी बल दिया है।

मुख्य बिंदु

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में आत्म निर्भर भारत अभियान की घोषणा की जिसके तहत भारत सरकार ने कई सुधार किए हैं। इसमें रक्षा उत्पादन का स्वदेशीकरण भी शामिल है। इसे हासिल करने के लिए, सरकार कुछ उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाएगा।

परियोजनाओं के बारे में

इन स्थगित परियोजनाओं में यूनाइटेड किंगडम से 20 अतिरिक्त हॉक प्लेन, अमेरिका से 30 जैगुआर लड़ाकू विमान और 38 ट्रेनर विमान खरीदने की योजना शामिल है।

विकल्प

विदेशों में इन लड़ाकू विमानों को प्राप्त करने के बजाय, भारतीय वायुसेना को एचएएल (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) का समर्थन हासिल करेगी। IAF इंजन से संबंधित उन्नयन के लिए HAL से सहायता लेगा।

साथ ही, स्विट्जरलैंड से पिलातुस बुनियादी प्रशिक्षण विमान खरीदने की योजना को भी खत्म कर दिया गया है। यह परियोजना 1000 करोड़ रुपये की थी। इसे हटा दिया गया है क्योंकि एचएएल ने पहले ही HTT-40 ट्रेनर विमानों को विकसित कर लिया है।

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भारत ने NAM शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया

4 मई, 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस शिखर सम्मेलन में COVID-19 से सम्बंधित चुनौतियों और समाधानों पर चर्चा की जायेगी।

मुख्य बिंदु

2014 में प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद श्री मोदी ने इस वर्ष पहली बार NAM शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। 2016 में यह शिखर सम्मेलन वेनेजुएला और 2019 में अजरबैजान में आयोजित किया गया था।  2012 में, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने तेहरान NAM शिखर सम्मेलन में भाग लिया।

गुट निरपेक्ष आंदोलन (NAM – Non-Aligned Movement)

गुट निरपेक्ष आंदोलन की आन्दोलन 1961 में बेलग्रेड में की गयी थी, इसमें भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु तथा यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति जोसिप ब्रोज़ टिटो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह शीत युद्ध के दौरान अस्तित्व में आया था, इसका उद्देश्य नव स्वतंत्र देशों को किसी गुट (अमेरिका व सोवियत संघ) में शामिल होने के बजाय तटस्थ रखना था। गुट निरपेक्ष आन्दोलन के 120 सदस्य तथा 17 पर्यवेक्षक हैं।

गुट निरपेक्ष आंदोलन के सिद्धांत

गुट निरपेक्ष आंदोलन के पांच प्रमुख सिद्धांतों में परस्पर सम्मान, आपसी गैर-आक्रामकता, समानता और पारस्परिक लाभ, घरेलू मामलों में आपसी गैर-हस्तक्षेप और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व शामिल हैं।

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