प्रोजेक्ट 'प्लेटिना

महाराष्ट्र ने प्रोजेक्ट ‘प्लेटिना’ के तहत दुनिया का सबसे बड़ा प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण शुरू किया

विश्व का सबसे बड़ी कन्वेल्सेंट प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण परियोजना महाराष्ट्र सरकार द्वारा 29 जून, 2020 को लांच की गयी। इस परियोजना का नाम प्लेटिना है। यह परियोजना महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा लांच की गई।

इस परीक्षण परियोजना के लिए, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने महाराष्ट्र सरकार के 21 COVID-19 अस्पतालों में भर्ती हुए COVID-19 पॉजिटिव रोगियों में प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल करने की स्वीकृति दी है।

प्रोजेक्ट प्लेटिना

COVID-19 पॉजिटिव रोगियों के लिए एक निश्चित उपचार या दवाओं के अभाव में, Convalescent Plasma Therapy ने दुनिया भर के रोगियों पर उत्साहजनक परिणाम दिखाए हैं। जैसा कि महाराष्ट्र COVID-19 महामारी द्वारा भारत में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य रहा है, प्रोजेक्ट प्लैटिना के तहत कन्वेल्सेंट प्लाज्मा थेरेपी के उपयोग से डाटा एकत्रित करने में मदद मिलेगी। यह परियोजना राज्य में प्लाज्मा उपचार के लिए बुनियादी ढाँचा स्थापित करने में भी मदद करेगी।

इस परियोजना के तहत प्लाज्मा थेरेपी परीक्षणों का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री राहत कोष से इस परियोजना के लिए 16.85 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।ट्रायल प्रोजेक्ट के तहत, महाराष्ट्र के 21 सरकार द्वारा संचालित COVID-19 अस्पतालों में सभी गंभीर रोगियों को 200 मि.ली. की मात्रा में कन्वेल्सेंट प्लाज्मा दिया जाएगा।

प्लाज्मा थेरेपी

एक व्यक्ति जो कोविड-19 संक्रमण से सफलतापूर्वक उबर चुका है, वह अपना प्लाज्मा दान कर सकता है। COVID-19 के मामले में, Convalescent Plasma का उपयोग COVID-19 वायरस से पीड़ित रोगी में एंटीबॉडी को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। यह कोविड​​-19 वायरस से लड़ने के लिए रोगी के शरीर को समान एंटीबॉडी विकसित करने में मदद करता है।

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