फार्माकोपिया

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फार्माकोपिया आयोग की फिर से स्थापना को मंजूरी दी

4 जून, 2020 को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फार्माकोपिया आयोग को मंजूरी दी। कैबिनेट ने आयुष मंत्रालय के तहत भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी के लिए आयोग को फिर से स्थापित करने की मंजूरी दी है।

मुख्य बिंदु

फार्माकोपिया लेबोरेटरी फॉर इंडियन मेडिसिन और होम्योपैथिक फार्माकोपिया लेबोरेटरी का विलय कर इस आयोग का गठन किया गया है। यह दो केंद्रीय प्रयोगशालाएं 1975 में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थापित की गईं।

यह आयोग एक स्वायत्त निकाय है जो आयुष मंत्रालय के तहत संचालित होता है। यह 2010 से परिचालन में है।

विलय के बारे में

यह विलय संसाधनों के उपयोग का अनुकूलन करेगा और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण के लिए आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी दवाओं के परिणामों को भी बढ़ाएगा। इस विलय के बाद आयोग को मंत्रालय के तहत पर्याप्त प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है।

महत्व

फार्माकोपिया का अर्थ होता है दवा बनाना। भारत सरकार ने भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी के फार्माकोपिया आयोग को फिर से स्थापित किया है। यह आयोग तकनीकी जनशक्ति, अवसंरचनात्मक सुविधाओं, वित्तीय संसाधनों का अनुकूलन करने में मदद करेगा।

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