फ्लिप्कार्ट

भारतीय शिल्पकारों के लिए फ्लिप्कार्ट ने लांच की “समर्थ” नामक पहल

भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिप्कार्ट ने अपने प्लेटफार्म भारतीय शिल्पकारों को बढ़ावा देने के लिए “समर्थ” नामक पहल लांच की है। इस पहल को राज्य वित्त व कॉर्पोरेट मामले मंत्री अनुराग ठाकुर तथा फ्लिप्कार्ट समूह के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने लांच किया। इसके लिए फ्लिप्कार्ट ने पांच गैर-सरकारी संगठनों के साथ समझौता किया है।

“समर्थ” पहल

इस पहल के द्वारा शिल्पकारों, बुनकरों तथा हस्तशिल्प से सम्बंधित सामान बनाने वाले लोगों को इन्टरनेट पर अपना सामान बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। पहले चरण में फ्लिप्कार्ट 5 NGO की सहायता से 35,000 शिल्पकारों तक पहुँच बनाएगा। इस पहल के लिए फ्लिप्कार्ट हिमाचल प्रदेश सहित 10 राज्यों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है। फ्लिप्कार्ट इन भारतीय उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में बेचने की योजना पर विचार कर रही है।

फ्लिप्कार्ट की इस पहल से देश के शिल्पकारों को काफी लाभ मिल सकता है, देश भर में फ्लिप्कार्ट के 150  मिलियन से अधिक ग्राहक हैं।

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ई-कॉमर्स में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए नए नियम

ई-कॉमर्स में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए नए नियमों के अनुसार ई-कॉमर्स फर्म उस इकाई के उत्पाद नहीं बेच सकती जिसकी हिस्सेदारी उसके पास है।

नए नियमों के कारण

नियमों में कई कमियों के कारण इन नए नियमों को लाया गया है।

  • बड़े विक्रताओं ने विभिन्न इकाइयां स्थापित कर ली थीं, जो ऑनलाइन मार्केटप्लेस में अलग से उत्पाद बेचते थे।
  • छोटे व्यजार अमेज़न और फ्लिप्कार्ट पर दिए जा रहे अत्यधिक डिस्काउंट की शिकायत कर रहे थे, इससे छोटे व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा था।
  • नए नियमों के द्वारा ई-कॉमर्स कंपनियों के गैर-प्रतिस्पर्धात्मक व्यवहार को नियंत्रित किया जा सकेगा।

नए नियम ई-कॉमर्स कंपनियों को किस प्रकार प्रभावित करेंगे?

  • इन नए नियमों से अमेज़न और फ्लिप्कार्ट जैसी बड़ी कंपनियों को नुकसान हो सकता है, अमेज़न के कई संयुक्त उद्यम हैं जैसे क्लाउडटेल और अप्पारियो। जबकि फ्लिप्कार्ट के शाओमी और ओप्पो जैसे स्मार्टफ़ोन ब्रांड्स के साथ एकल साझेदारी है। नए नियमों से उनके बिजनेस मॉडल पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
  • आलोचकों के अनुसार नए नियम प्रतिस्पधात्मक भावना तथा मुक्त बाज़ार के अनुकूल नहीं हैं।
  • इन नए नियमों से सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योगों को लाभ मिलेगा, अब इन उद्योगों को भी अपने सामान बेचने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म मिल सकेगा।

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