बांग्लादेश

विश्व बैंक ने सड़क कनेक्टिविटी में सुधार के लिए बांग्लादेश को 500 मिलियन डालर की मंजूरी दी

विश्व बैंक ने 23 जून,  2020 को बांग्लादेश को 500 मिलियन डॉलर की ऋण राशि के लिए मंजूरी दी है। यह राशि  राशि जाशोर-जेनाइदाह गलियारे के लिए मंज़ूर की गयी है, इससे  बांग्लादेश के 4 पश्चिमी जिलों को लाभ होगा। यह बांग्लादेश में सड़क कनेक्टिविटी में सुधार के लिए विश्व बैंक की कुल 1.4 बिलियन डालर की बहु-चरण परियोजनाओं का चरण I होगा।

विश्व बैंक ने कहा कि बांग्लादेश के पश्चिमी जिले बहुत अधिक प्राकृतिक और कृषि उत्पादों से संपन्न हैं। इस परियोजना के पूरा हो जाने पर पूरे क्षेत्र में बड़ी आर्थिक सम्भावना का सृजन होगा।

परियोजना का चरण I

परियोजना का चरण I जिसके लिए 500 मिलियन डालर की मंजूरी दी गई है, को पश्चिमी आर्थिक गलियारा और क्षेत्रीय संवर्द्धन (WeCARE) के रूप में नामित किया गया है। इस चरण में, दो लेन राजमार्ग के मौजूदा 110 किलोमीटर को एक सुरक्षित और जलवायु-लचीला चार-लेन राजमार्ग में अपग्रेड किया जाएगा। यह 110 किलोमीटर की परियोजना बांग्लादेश सरकार के देश के पश्चिमी भाग में 260 किमी के आर्थिक गलियारे को विकसित करने की बड़ी योजना का हिस्सा होगी।

जेनाइदाह और जाशोर के बीच 48 किलोमीटर को चरण I के तहत N7 राजमार्ग पर भी अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा, 32 ग्रामीण बाजारों को जोड़ने वाली 600 किलोमीटर की ग्रामीण सड़कों को भी इस चरण के तहत बेहतर बनाया जाएगा।

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भारत ने बांग्लादेश को HCQ और स्टेराइल सर्जिकल ग्लव्स की आपूर्ति की

27 अप्रैल, 2020 को भारत ने बांग्लादेश को 1 लाख हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) टैबलेट, 50000 स्टेराइल  सर्जिकल दस्ताने और अन्य आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति भेजी।

मुख्य बिंदु

इससे पहले भारत ने COVID-19 आपातकालीन फण्ड के तहत सहायता की पहली किश्त में बांग्लादेश को 15,000 हेड कवर और 30,000 सर्जिकल मास्क प्रदान किए थे। एचसीक्यू टैबलेट और सर्जिकल दस्ताने फंड के तहत प्रदान की जाने वाली चिकित्सा आपूर्ति की दूसरी किश्त है।  15 मार्च, 2020 को सार्क नेताओं के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आपातकालीन निधि बनाई गई थी।

सार्क

सार्क वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद, सार्क समूह के स्वास्थ्य प्रतिनिधियों और व्यापार प्रतिनिधियों ने व्यापार सुविधा के बारे में चर्चा की और 8 अप्रैल को COVID-19 से लड़ने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान के बारे में भी चर्चा की।

एम्स की भूमिका

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने सार्क चिकित्सा पेशेवरों के लिए एक वेबिनार आयोजित किया। इस वेबिनार के दौरान एम्स के स्वास्थ्य पेशेवर ने COVID-19 प्रबंधन और क्षमता निर्माण में अपने ज्ञान को साझा किया। य

COVID-19 आपातकालीन निधि

इस फंड को प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में 10 मिलियन अमरीकी डालर का योगदान देकर बनाया था। मालदीव और भूटान ने फंड की ओर क्रमशः 200,000 डॉलर और 100,000 डॉलर का योगदान दिया। पाकिस्तान ने 3 मिलियन अमरीकी डालर का योगदान दिया था। बांग्लादेश, अफगानिस्तान और नेपाल ने इसमें 1.5 मिलियन डालर का योगदान दिया है। अब तक इसमें 21.8 मिलियन डालर एकत्रित हो चुके है।

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