बायो डीजल

जैव उर्जा पर भारत-ब्राज़ील MoU को कैबिनेट ने मंज़ूरी दी

केन्द्रीय कैबिनेट ने भारत-ब्राज़ील MoU को मंज़ूरी दे दी है। वर्ष 2016 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा ब्राज़ील के राष्ट्रपति ने नवीकरणीय उर्जा के क्षेत्र में शोध व विकास को सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सहमती व्यक्त की थी। इसके बाद दोनों देशों ने MoU पर हस्ताक्षर किये थे।

भारत-ब्राज़ील उर्जा मांग

लैटिन अमेरिका व कॅरीबीयन क्षेत्र में ब्राज़ील भारत का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। दोनों देश विश्व के सबसे बड़े उर्जा उपभोक्ता देशों में से है। वर्तमान समय में ब्राज़ील विश्व का दूसरा सबसे बड़ा जैव इंधन उत्पादक व उपभोक्ता देश है।

भारत ने 2030 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने तहत डीजल में 5% बायोडीजल मिश्रित करने का लक्ष्य रखा है।

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इस्तेमाल किये गए खाद्य तेल को जैवइंधन में परिवर्तित करने के लिए FSSAI ने शुरू किया RUCO अभियान

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इस्तेमाल किये गए खाद्य तेल से जैव इंधन बनाने के लिए RUCO (Repurpose Used Cooking Oil) अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत 101 स्थानों पर 64 कंपनियों को इस्तेमाल किये गए तेल के एकत्रीकरण के लिए चिन्हित किया गया है।

मुख्य तथ्य

FSSAI ने लगभग एक महीने पहले इस्तेमाल किये गए तेल के मानक के सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की थी। FSSAI नियमों के अनुमार TPC (Total Polar Compounds) की अधिकतम सीमा 25% निश्चित की गयी है, इस सीमा के बाद खाद्य तेल उपभोग योग्य नहीं रहता। इसके अलावा इस्तेमाल किये गए खाद्य तेल के सही उपयोग के लिए FSSAI भारतीय बायो डीजल संघ के साथ मिलकर कार्य कर रही है।

पृष्ठभूमि

FSSAI के अनुसार 2022 तक बायोडीजल के उत्पादन के लिए 220 करोड़ लीटर इस्तेमाल किया हुआ खाद्य तेल एकत्रित किया जा सकता है। वर्तमान में बहुत छोटे स्तर पर इस्तेमाल किये गए खाद्य तेल से बायोडीजल का उत्पादन किया जा रहा है। धीरे-धीरे भारत में इसका उत्पादन स्तर बढ़ रहा है। इस्तेमाल किये गए खाद्य तेल को बायोडीजल में परिवर्तित करने के लिए FSSAI नियम निर्धारित करेगी।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI)

FSSAI एक वैधानिक नोडल एजेंसी है, इसका कार्य देश में जन स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए खाद्य पदार्थों का अधीक्षण व नियमन करना है। इसकी स्थापना खाद्य सुरक्षा व मानक अधिनियम 2006 के तहत की गयी है। यह केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।

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