बिन्देश्वर पाठक

सुलभ इंटरनेशनल ने किया भारत की पहली सीवर क्लीनिंग मशीन का अनावरण

सुलभ इंटरनेशनल ने भारत की पहली सीवर क्लीनिंग मशीन का अनावरण किया। इस मशीन का अनावरण विश्व शौचालय दिवस 2018 को दिल्ली के तीनों म्युनिसिपल कारपोरेशन तथा सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिन्देश्वर पाठक द्वारा किया गया।

मुख्य बिंदु

इस मशीन के बाद अब सफाई कर्मचारियों को सीवर में उतरना नहीं पड़ेगा, देश में प्रतिवर्ष कई सफाई कर्मचारियों की मृत्यु सीवर में ज़हरीली गैस इत्यादि के कारण होती है। इस मशीन ली लागत लगभग 43 लाख रूपए है। इस मशीन में सीवर को कार्यशील रखने के लिए सभी आवश्यक उपकरण हैं। इस मशीन से चोक हुई सीवर लाइन्स को भी खोला जा सकता है।

सुलभ इंटरनेशनल

यह एक सामाजिक सेवा संगठन है, यह मानवाधिकार, पर्यावरण स्वच्छता, उर्जा के अपरम्परागत स्त्रोत, कचरा प्रबंधन, शिक्षा के द्वारा सामाजिक सुधार जैसे कार्य करता है। यह भारत का सबसे बड़ा गैर-लाभकारी संगठन है। इसकी स्थापना सामाजिक कार्यकर्ता बिन्देश्वर पाठक ने 1970 में की थी।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस : 23 जून

विधवाओं की स्थिति में सुधार लाने के उदेश्य से प्रतिवर्ष 23 जून को वैश्विक स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस, जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है. ताकि पूरे विश्व में विभिन्न समाज से ताल्लुक रखने वाली प्रत्येक विधवा का जीवन भी औरों की तरह सामान्य व्यतीत हो सके. भारत में विधवाओं के संरक्षण के लिए बिन्देश्वर पाठक (सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक) ने एक विधेयक का मसौदा भी तैयार किया है.

मुख्य बिंदु

विधवाओं के खिलाफ अत्याचार और उनसे दुर्व्यवहार मानव अधिकारों का हनन हैं जो किसी भी देश के विकास के लिए सबसे बड़ी समस्या हैं. पूरी दुनिया में विभिन्न उम्र, क्षेत्र और संस्कृति की विधवायें जो गरीबी, हिंसा, स्वास्थ, बहिष्कार, शोषण, और अन्य कई तरह की समस्याओं से पीड़ित है, ऐसी महिलाओं का जीवन स्तर सुधारने और उन्हें भी समाज में मुख्य धारा से जोड़ने के उदेश्य से पहली बार 23 जून 2011 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस मनाने की घोषणा की जो तब से हर साल मनाया जाता है. पिछले 7 वर्षों से ब्रिटेन की लूम्बा फाउन्डेशन (संस्था) ने विधवाओं पर होने वाले अत्याचारों और उनके द्वारा सामना की जाने वाली विभिन्न समस्याओं के खिलाफ अभियान चलाया हुआ था जिसके प्रयासों से ही संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विधवाओं पर हो रहे अत्याचारों के आंकड़ों को आधार बनाते हुये, अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस घोषित किया था. इस संदर्भ में प्रस्तुत आंकड़ों से पता चला है कि भारत में लगभग 4 करोड़ विधवायें रहती हैं, जिनमे से 15000 केवल वृन्दावन में निवासित है. जबकि पूरे विश्व में लगभग 12 करोड़ विधवायें निवास करती है जिनमें से अधिकांश को अमानवीय व्यवहार के रूप में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , ,

Advertisement