भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्‍थान

ISRO अगस्त 2020 में ब्राजील के अमेजोनिया -1 उपग्रह को लॉन्च करेगा

ब्राजील द्वारा विकसित किया गया पहला पृथ्वी अवलोकन उपग्रह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा लॉन्च किया जाएगा। इस उपग्रह को ‘अमेजोनिया -1’ के नाम से जाना जाता है। इसरो द्वारा अभी तक अमेजोनिया-1 की सटीक लॉन्च तिथि की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लॉन्च अगले महीने (अगस्त 2020) में होगा।

पृष्ठभूमि

25 जनवरी, 2004 को भारत और ब्राजील के बीच बाह्य अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। फ्रेमवर्क समझौते के एक भाग के रूप में, इसरो ब्राजील की अंतरिक्ष एजेंसी (AEB) का एक माइक्रो-उपग्रह लॉन्च करेगा। यह माइक्रोसेटेलाइट वायुमंडलीय अध्ययन के लिए होगा।

अमेजोनिया-1

अमेजोनिया-1 को मूल रूप से AEB के मुख्य उपग्रह प्रक्षेपण वाहन VLS-1 द्वारा 2018 में लॉन्च किया जाना था। लेकिन तकनीकी कारणों से VLS-1 के साथ लॉन्च रद्द कर दिया गया था। अमेजोनिया-1 को अब आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV के पेलोड के रूप में लॉन्च किया जाएगा।

अमेजोनिया-1 का संचालन चीन-ब्राजील अर्थ रिसोर्स सैटेलाइट प्रोग्राम (CBERS) के साथ होगा। चीन और ब्राजील के बीच CBERS कार्यक्रम के तहत, 6 उपग्रहों को आज तक लॉन्च किया गया है (पहला उपग्रह CBERS-1 अक्टूबर 1999 में लॉन्च किया गया था)।

अमेजोनिया-1 पहला उपग्रह है जिसे AEB द्वारा पूरी तरह से डिजाइन, एकीकृत और परीक्षण किया गया है, लॉन्च के बाद यह उपग्रह ब्राजील द्वारा पूरी तरह से संचालित किया जाने वाला पहला उपग्रह होगा।

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GISAT-1 उपग्रह के लांच को स्थगित किया गया

इसरो ने तकनीकी कारणों से GISAT-1 उपग्रह के लांच को स्थगित कर दिया है। लांच की नई तारिख की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) भारतीय उपमहाद्वीप की लगातार निगरानी के लिए GISAT 1 (अर्थ-इमेजिंग सैटेलाइट) लॉन्च करेगा।

मुख्य बिंदु

इस उपग्रह को जीएसएलवी-एफ 10 रॉकेट द्वारा लांच किया जाएगा। इस उपग्रह का वजन 2,275 किलोग्राम है और इसे जियोसिंक्रोनस कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

GISAT

जीआईएसएटी भू-सूचना उपग्रह (Geo-Information Satellite) है। यह उपग्रह पृथ्वी का पूरा चक्कर लगाएगा और हर 2 घंटे में एक ही बिंदु पर आएगा। यह उपग्रह तेजी से निगरानी और इमेजिंग करने में सक्षम है। इसरो ने उपग्रह को इस तरह से डिजाइन किया है कि आवश्यकता पड़ने पर यह उपग्रह एक लंबी अवधि के लिए एक बिंदु का निरीक्षण कर सकता है।

यह इसरो द्वारा 2020 में लॉन्च किया जाने वाला पहला उपग्रह है। GISAT के बाद, देश की अंतरिक्ष निगरानी शक्ति को बढ़ावा देने के लिए 10 और उपग्रहों को लॉन्च किया जायेगा। इन उपग्रहों से सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकवादी घुसपैठ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।

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