भारतीय अर्थव्यवस्था

जुलाई 2018 में कोर औद्योगिक उत्पादन दर रही 6.6%

केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी किये गए डाटा के अनुसार जुलाई जून में 8 कोर उद्योगों की उत्पादन दर 6.6% रही। यह सीमेंट, रिफाइनरी, उर्वरक और कोयला सेक्टर के अच्छे प्रदर्शन के कारण बेहतर रही। जुलाई, 2017 में यह दर 2.9% थी।

मुख्यबिंदु

जुलाई, 2018 में कोयला, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक तथा सीमेंट में क्रमशः 9.7%, 12 .3%, 1.3% तथा 10.8% की वृद्धि दर्ज की गयी। जुलाई, 2018 में कच्चा तेल तथा प्राकृतिक गैस के उत्पादन में कमी आई। जुलाई, 2017 के मुकाबले स्टील सेक्टर की वृद्धि दर कम होकर 9.4% से कम होकर 6% पर पहुँच गयी। अप्रैल-जुलाई, 2018 के दौरान 8 कोर औद्योगिक सेक्टर की विकास दर 5.8% रही, इससे पिछले वर्ष यह दर 2.6% थी। जून, 2018 में इन सेक्टर्स की विकास दर 7.6% थी, यह मार्च 2017 के बाद का उच्चतम स्तर था।

कोर उद्योग

कोर उद्योग वह उद्योग होते हैं जो किसी अभी अर्थव्यवस्था के मुख्य उद्योग होते हैं और अर्थव्यवस्था में उनका हिस्सा काफी बड़ा होता है। भारत में आठ कोर उद्योग हैं : कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट व बिजली। यह कोर उद्योग औद्योगिक उत्पादन के सूचकांक का 40.27% हिस्सा हैं।

कोर सेक्टर का भार : पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद (28.04%), विद्युत् उत्पादन (19.85%), स्टील उत्पादन (17.92%), कोयला उत्पादन (10.33%), कच्चा तेल उत्पादन (8.98%), प्राकृतिक गैस उत्पादन (6.88%), सीमेंट (5.37%), उर्वरक (2.63%)।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , ,

भारत और सिंगापुर ने आर्थिक समझौते CECA में संशोधन के लिए दूसरे प्रोटोकॉल पर किये हस्ताक्षर

भारत और सिंगापुर ने विस्तृत आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) में संशोधन के लिए दूसरे प्रोटोकॉल पर नई दिल्ली में हस्ताक्षर किये। इसके प्रावधान 14 सितम्बर, 2018 से लागू होंगे।

इससे भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय व्यापार पर वृद्धि होगी। दूसरे प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किये जाने के बाद CECA पर दूसरी समीक्षा वार्ता का भी समापन हुआ।

पृष्ठभूमि

CECA एक विस्तृत समझौता है, इसमें वस्तु, सेवा व निवेश जैसी व्यापारिक मदों को शामिल किया गया है। इस समझौते पर जून, 2005 में हस्ताक्षर किये गये थे। इस पर पहली समीक्षा अक्टूबर, 2007 में की गयी थी। दूसरी समीक्षा की शुरुआत मई, 2010 में शुरू हुई थी। दूसरी समीक्षा के समापन के उपरांत भारत और सिंगापुर पारस्परिक समझौते के निष्कर्ष पर पहुंचे। इस समीक्षा में दोनों देशों में सीमा शुल्क कम करने तथा कई उत्पादों में सम्बन्ध में नियमों को उदार बनाने पर सहमति प्रकट की। इससे भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। दूसरी समीक्षा की समाप्ति की घोषणा जून, 2018 में प्रधानमंत्री मोदी की सिंगापुर यात्रा के दौरान की गयी थी। अब दोनों देश सितम्बर, 2018 में CECA की तीसरी समीक्षा शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।

भारत-सिंगापुर व्यापार

आसियान समूह में सिंगापुर भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत दक्षिण एशियाई में सिंगापुर का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच वर्ष 2017-18 में 17.7 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। सिंगापुर के साथ भारत का व्यापार आसियान के साथ किये जाने वाले कुल व्यापार का 21.8% हिस्सा है। 2017-18 में सिंगापुर के साथ व्यापार में भारत का व्यापार आधिक्य 2.73 अरब डॉलर था।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement