भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद

आईसीएमआर घरेलू सर्वेक्षण करवाएगा

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) घरेलू सर्वेक्षण करेगा। इस सर्वेक्षण के तहत विभिन्न जिलों में 24,000 वयस्कों में एंटीबॉडी परीक्षण किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

घरेलू सर्वेक्षण वर्तमान में चल रहे सर्वेक्षणों से पूरी तरह से अलग है। इस सर्वेक्षण के तहत, सभी जिलों के व्यक्तियों का परीक्षण किया जाएगा। हर जिले में सर्वेक्षण करने के लिए 10 स्वास्थ्य सुविधाओं को नियोजित किया जाएगा। इनमें से 6 सार्वजनिक होंगे और 4 निजी होंगे। ये स्वास्थ्य सुविधाएं 100 स्वास्थ्य देखभाल श्रमिकों और 50 आउट पेशेंट का चयन करेंगी। इसके अलावा, जिन व्यक्तियों में इन्फ्लूएंजा नहीं है उन्हें चुना जाना है।

पृष्ठभूमि

ICMR पहले पूलिंग परीक्षण और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (SARI) पर आधारित सर्वेक्षण पर ध्यान केंद्रित करता था। इस सर्वेक्षण में आईजीजी एंटीबॉडी की उपस्थिति की जांच की जाएगी। यह एंटीबॉडी 10 और 14 दिनों के बीच दिखाई देती है।

SARI निगरानी

SARI निगरानी एक चालू निगरानी पद्धति है जिसे RT-PCR परीक्षणों का उपयोग करके अस्पताल में भर्ती मरीजों पर लागू किया जा रहा है। यह निगरानी वर्तमान में नए COVID-19 मामलों का पता लगाने में मदद करती है।

सीरो सर्वे

यह सर्वेक्षण 10 समूहों में किया जाएगा। चुने गए हर जिले में 400 यादृच्छिक घर होंगे। इन घरों में एक वयस्क व्यक्ति का COVID-19 एंटीबॉडी के लिए परीक्षण किया जाएगा। इसे सेरो सर्वे कहा जाता है ।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

ICMR COVID-19 के लिए वैक्सीन विकसित करेगा

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने स्वदेशी वैक्सीन विकसित करने के लिए भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (BBIL) के साथ करार किया है। इस वैक्सीन को वायरस के उपभेदों का उपयोग करके विकसित किया जायेगा जिसे पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) में COVD-19 रोगियों से अलग किया गया है।

महत्व

टीके बीमारियों को रोकने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। चेचक के उन्मूलन के लिए टीके ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

वर्तमान परिदृश्य

पूरी दुनिया में 40 से अधिक टीके विभिन्न चरणों में चल रहे हैं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने हाल ही में घोषणा की कि विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने COVID-19 के खिलाफ एक टीके का परीक्षण शुरू कर दिया है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया इस कार्यक्रम के भागीदारों में से एक है।

अमेरिकी कंपनी मॉर्डना वैक्सीन के नैदानिक ​​परीक्षणों के चरण I में है। इसके अलावा, हांगकांग  बेस्ड एक बायोटेक फर्म ने घोषणा की है कि यह टीकों के नैदानिक ​​परीक्षणों के दूसरे चरण में पहुँच गयी है।

वैक्सीन कैसे कार्य करता है?

एक वैक्सीन वास्तव में रोगज़नक़ वाली बीमारी का मुकाबला करने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रशिक्षित करता है। टीकाकरण का  उद्देश्य शरीर में वायरस पैदा करने वाली बीमारी के एक निष्क्रिय हानिरहित स्ट्रेन को इंजेक्ट करना है। इसके बाद इन रोग पैदा करने वाले एजेंटों के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर का बचाव करना शुरू कर देती है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement