भारतीय नौसेना

भारतीय नौसेना ने कम लागत में विकसित की  टेम्परेचर गन

मुंबई नेवल डॉकयार्ड ने कम लागत वाले आईआर आधारित तापमान सेंसर का डिजाइन तैयार किया है। इसका सेंसर उपयोग यार्ड के गेट पर प्रवेश करने वाले कर्मियों की जांच के लिए किया जायेगा।

मुख्य बिंदु

इसका निर्माण 1000 रुपये से कम लागत पर किया गया है। यह लागत बाजार में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के मुकाबले बहुत कम है। इस टेम्परेचर गन की सटीकता 0.2 डिग्री सेल्सियस है। इसमें एक एलईडी डिस्प्ले और एक इन्फ्रारेड सेंसर है।

आवश्यकता

नौसेना डॉकयार्ड में 20,000 से अधिक कर्मी कभी प्रवेश करते हैं। कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद से, देश में टेम्परेचर गन और नॉन-टच थर्मामीटर की कमी हो गयी है। इस नई टेम्परेचर गन से डॉकयार्ड को अपनी स्क्रीनिंग प्रक्रिया को तेज करने में मदद करेगी।

इन्फ्रारेड थर्मामीटर

इन्फ्रारेड थर्मामीटर इन्फ्रारेड लाइट को फोकस करने के लिए लेंस का उपयोग करता है। यह ब्लैक बॉडी रेडिएशन नामक सिद्धांत पर काम करता है।

0 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान पर किसी भी वस्तु में अणु घूमते रहते हैं। तापमान में वृद्धि के साथ अणुओं की गति बढ़ जाती है। जब वे हलचल करते हैं, तब यह अणु इन्फ्रारेड किरणों का उत्सर्जन करते हैं। इन्फ्रारेड थर्मामीटर में एक डिटेक्टर होता है जो इन इन्फ्रारेड किरणों को डिटेक्ट करता है।

महत्व

इस तरह की कम लागत वाली सस्ती चिकित्सा उपकरण इस समय काफी जरूरत है विश्व भर में इस समय  स्वास्थ्य आपातकाल है। यह उपकरण वायरस के खिलाफ अधिक कुशलता से लड़ने में मदद करेंगे।

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आंध्र प्रदेश सरकार ने COVID-19 रोगियों के लिए भारतीय नौसेना से मल्टी-फीड ऑक्सीजन मैनीफोल्ड खरीदने का निर्णय लिया

आंध्र प्रदेश सरकार ने COVID-19 रोगियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की आवश्यकता को पूरा करने के लिए भारतीय नौसेना, विशाखापत्तनम द्वारा विकसित मल्टी-फीड ऑक्सीजन मैनीफोल्ड को खरीदने का निर्णय लिया है।

मुख्य बिंदु

पोर्टेबल मल्टी-फीड ऑक्सीजन मैनीफोल्ड उपकरण को नौसेना डॉकयार्ड विशाखापट्टनम द्वारा सिक्स-वे हेडर और सिंगल सिलेंडर का उपयोग करके डिजाइन किया गया था। इसका मतलब है कि छह मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए एक एकल ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा मल्टी-फीड ऑक्सीजन मैनीफोल्ड पोर्टेबल है और इसलिए रेलवे कोचों में स्थापित किए जाने वाले आइसोलेशन वार्ड में इसे इंस्टाल करने में आसानी होगी।

आवश्यकता

भारत में कोरोना वायरस तेजी से फैलने के साथ, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाले उपकरणों की अधिक आवश्यकता होगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि लगभग 5% से 8% COVID-19 रोगियों को वेंटीलेटर की आवश्यकता होती है और 20% रोगियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की आवश्यकता होती है।

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