भारतीय रिज़र्व बैंक

भारतीय रिज़र्व बैंक ने मुद्रा पेटी के लिए नए नियम जारी किये

भारतीय रिज़र्व बैंक ने हाल ही में बैंकों को मुद्रा पेटी (currency chest) के सम्बन्ध में नए दिशानिर्देश जारी किये, यह दिशानिर्देश निम्नलिखित हैं :

  • स्ट्रोंग रूम/वॉल्ट का क्षेत्रफल कम से कम 1500 वर्ग फुट होना चाहिए। पहाड़ी अथवा दुर्गम क्षेत्र में स्ट्रोंग रूम/वॉल्ट का क्षेत्रफल कम से कम 600 वर्ग फुट होना चाहिए।
  • नयी मुद्रा पेटी 6.6 लाख बैंक नोट प्रतिदिन प्रसंस्कृत करने में सक्षम होनी चाहिए। पहाड़ी अथवा दुर्गम क्षेत्रों में यह क्षमता कम 2.1 लाख बैंक नोट प्रतिदिन होनी चाहिए।
  • मुद्रा पेटी की चेस्ट बैलेंस लिमिट 1000 करोड़ रुपये होनी चाहिए।

मुद्रा पेटी (Currency Chest)

मुद्रा पेटी वह स्थान है जहाँ पर मुद्रा को भंडारित करके रखा जाता है। यह पेटी RBI के लिए रोकड़ वितरण का कार्य करती हैं तथा यह लोगों से ख़राब अथवा फटे हुए नोट भी संगृहीत करती है।

भारतीय रिज़र्व बैंक की 2017-18 रिपोर्ट के अनुसार मुद्रा प्रबंधन अधोसंरचना में भारतीय रिज़र्व बैंक के 19 इशू ऑफिस का नेटवर्क शामिल है। इसमें 3,975 मुद्रा पेटी तथा 3,654 छोटे सिक्के के डिपो भी शामिल हैं।

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भारतीय रिज़र्व बैंक ने रेपो रेट को कम किया

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट (अल्पकालिक उधार दर) में 25 बेसिस पॉइंट्स की कमी के साथ 6% पर रखा है। यह निर्णय RBI गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति द्वारा लिया गया है। यह इस वर्ष की पहली द्वि-मासिक मौद्रिक नीति बैठक थी, इसका आयोजन 2-4 अप्रैल के दौरान किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने की।

रेपो दर

रेपो दर, वह दर है जिस पर आरबीआई छोटी समयावधि के लिए बैंकों को ऋण देता है। यह RBI द्वारा बैंकों से सरकारी बांड खरीदकर एक निश्चित दर पर उन्हें बेचने के लिए एक समझौते के साथ किया जाता है। जब भारतीय रिजर्व बैंक रेपो दर बढ़ाता है, तो बैंक को उच्च दरों पर ऋण देना पड़ता है। अत: कहा जा सकता है कि रेपो दर का बढ़ना बाजारों में ब्याज दरों में वृद्धि होने का एक कारण है।

रिवर्स रेपो दर

रिवर्स रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर आरबीआई अल्पकालिक समय के लिए अन्य बैंकों से ऋण लेता है। यह आरबीआई द्वारा सरकारी बॉन्ड / सिक्योरिटीज को बैंकों को भविष्य में वापस खरीदने की प्रतिबद्धता के साथ किया जाता है। बैंक रिवर्स रेपो सुविधा का उपयोग अपने अल्पकालिक अतिरिक्त धन को आरबीआई में जमा करके ब्याज अर्जित करने के लिए भी करते हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक भारत का केन्द्रीय बैंक है। यह भारत के सभी बैंकों का संचालक है। रिजर्व बैक भारत की अर्थव्यवस्था को नियन्त्रित करता है। 1 अप्रैल सन 1935 को इसकी स्थापना रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया ऐक्ट 1934 के अनुसार हुई थी।

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