भारतीय वायुसेना

मिग 27 के अंतिम स्क्वाड्रन को डीकमीशन किया जाएगा

भारतीय वायुसेना आज (27 दिसम्बर, 2019) को लड़ाकू विमान मिग-27 के अंतिम स्क्वाड्रन को जोधपुर में डीकमीशन करने जा रही है। मिग-27 लड़ाकू विमान ने 1999 के कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसके लिए मिग-27 को ‘बहादुर’ नाम दिया गया था। मिग-27 का अंतिम स्क्वाड्रन जोधपुर एयर बेस में अपनी अंतिम उड़ान भरेगा। मिग के इस अंतिम स्क्वाड्रन का नाम स्कोर्पियन 29 है, इसमें सात मिग-27 शामिल हैं।

मिग-27

मिग-27 का निर्माण सोवियत संघ में किया गया था। भारत में इसका निर्माण हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स द्वारा लाइसेंस के तहत किया  जाता है। मिग-27 ने अपनी पहली उड़ान 20 अगस्त, 1970 को भरी थी। मिग-27 का उपयोग रूस, भारत, कजाखस्तान और श्रीलंका की वायुसेनाओं द्वारा किया गया है।

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बी.एस. धनोआ के नाम पर राफेल लड़ाकू विमान के टेल नंबर जारी किये जायेंगे

भारतीय वायुसेना ने पूर्व वायुसेना प्रमुख बी.एस. धनोआ के नाम पर राफेल लड़ाकू विमान के टेल नंबर जारी करने का निर्णय लिया।

टेल नंबर

टेल नंबर किसी एयरक्राफ्ट की विशिष्ट पहचान संख्या होती है, देश में उड़ने वाले सभी एयरक्राफ्ट को टेल नंबर जारी किये जाते हैं। यह टेल नंबर अंतर्राष्ट्रीय नागरिक विमानन के नियमों के मुताबिक दिए जाते हैं।

राफेल 

भारतीय वायुसेना राफेल के एक-एक स्क्वाड्रन को अम्बाला (हरियाणा) तथा हाशिमारा (पश्चिम बंगाल) के एयरबेस में तैनात करेगी। भारतीय वायुसेना ने इन दो एयरबेस में आवश्यक अधोसंरचना जैसे शेल्टर, हेंगर तथा मेंटेनेंस फैसिलिटी के लिए लगभग 400 करोड़ का व्यय किया है।

सितम्बर, 2016 में भारत ने फ़्रांसिसी सरकार तथा दसौल्ट एविएशन के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 7.8 अरब यूरो के सौदे पर हस्ताक्षर किये थे। सौदे पर हस्ताक्षर किये जाने के 67 महीनों के भीतर भारत को सभी राफेल लड़ाकू विमानों की डिलीवरी कर दी जायेगी।

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