भारत का रक्षा निर्यात

रक्षा मंत्री ने रक्षा परीक्षण अधोसंरचना योजना को मंजूरी दी

15 मई, 2020 को रक्षा मंत्री ने रक्षा परीक्षण अधोसंरचना योजना को अनुमोदित किया गया। इस योजना को 400 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि पर लागू किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन और देश के 41 ऑर्डिनेंस कारखानों ने गोला-बारूद, आग्नेयास्त्रों, रडार और इलेक्ट्रॉनिक हथियारों के लिए परीक्षण सुविधाओं का निर्माण किया है।

यह विशेष रूप से MSMEs (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) और स्टार्टअप्स के बीच देश की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

परीक्षण सुविधाओं के बारे में

परीक्षण सुविधाओं का उपयोग यूएवी (मानवरहित वाहन), रडार, ड्रोन, रबर परीक्षण, दूरसंचार उपकरण परीक्षण, शोर परीक्षण, जहाज गति परीक्षण, विस्फोट परीक्षण, पर्यावरण परीक्षण सुविधाएं परीक्षण आदि के लिए किया जाएगा।

योजना

इस योजना के तहत देश में छह से आठ परीक्षण फैसिलिटी स्थापित की जाएंगी। इन फैसिलिटी को स्थापित करने की लागत का 75% केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। बाकी का 25%  निजी संस्थाओं और राज्य सरकार के माध्यम से आएगा।

रक्षा औद्योगिक गलियारे

भारत में दो मुख्य औद्योगिक गलियारे हैं। वे उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में हैं। परीक्षण केंद्र इन उद्योगों को अपने उत्पादों का परीक्षण करने में भी मदद करेंगे।

रक्षा निर्यात

यह योजना भारत के रक्षा निर्यात लक्ष्यों की सहायता करने में भी मदद करेगी। DefExpo 2020 के दौरान, भारत ने अगले पांच वर्षों में रक्षा निर्यात को 5 बिलियन अमरीकी डालर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

Advertisement