भारत की जीडीपी वृद्धि दर

फिच रेटिंग्स ने अगले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर  9.5% रहने का अनुमान लगाया  

वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने अनुमान लगाया है कि भारत की अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ वापसी करेगी। इससे पहले, फिच रेटिंग ने अनुमान लगाया था कि अप्रैल 2020 से शुरू होने वाले चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि 5 प्रतिशत पर आ जाएगी। यह भी उजागर हुआ है कि 9.5% की वृद्धि तभी संभव है जब देश वित्तीय क्षेत्र के स्वास्थ्य में और गिरावट से बचता है।

फिच रेटिंग्स

फिच रेटिंग्स विश्व की तीन सबसे बड़ी रेटिंग एजेंसियों में से एक है, अन्य दो प्रमुख एजेंसियां मूड़ीज़ और स्टैण्डर्ड एंड पूअर्स हैं। इसका मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित है। इसका पूर्व स्वामित्व हेअर्स्ट कारपोरेशन के पास है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एक किस्म की कंपनी होती है जो क्रेडिट रेटिंग प्रदान करती है। यह ऋणी द्वारा समय पर ऋण के भुगतान अथवा डिफ़ॉल्ट की सम्भावना की योग्यता का अनुमान लगाती है।

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वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 5.5% रहेगी : मूड़ीज इन्वेस्टर्स सर्विस

मूडीज़ इन्वेस्टर्स सर्विस ने हाल ही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर के संबध में अपने अनुमान जारी किये। मूडीज़ ने वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की आर्थिक विकास दर 5.5% रहने के अनुमान लगाया है, इससे पहले मूडीज़ ने 2020-21 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3% रहने का अनुमान लगाया था। भारत सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में जीडीपी वृद्धि दर 6-6.5% रहने का अनुमान लगाया है। मूडीज़ के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 4.9% रहेगी। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए मूडीज़ ने जीडीपी वृद्धि दर 6% रहने का अनुमान लगाया है।

मूडीज़

मूडीज़ इन्वेस्टर्स सर्विस मूडीज़ कारपोरेशन के अधीन एक अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है। यह एजेंसी सरकारी तथा वाणिज्यिक इकाइयों द्वारा जारी बांड्स पर वित्तीय अनुसन्धान का कार्य करते हैं। स्टैण्डर्ड एंड पूअर्स तथा फिच ग्रुप के साथ मूडीज़ को विश्व की तीन सबसे बड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों में से एक माना जाता है। इसकी स्थापना 1909 में की गयी थी।

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