भारत के अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध

भारतीय फर्म ने ईरान के चाबहार बंदरगाह में शुरू किया कार्य

भारतीय फर्म इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड कंपनी ने हाल ही में चाबहार पोर्ट के कार्य का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है तथा वहां पर अपना कार्यालय भी शुरू कर दिया है। इससे पहले भारत, ईरान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच चाबहार प्रोजेक्ट पर पहली बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक का आयोजन ईरान की राजधानी तेहरान में किया गया था। भारत, ईरान तथा अफ़ग़ानिस्तान के बीच मई, 2016 में चाबहार बंदरगाह परिवहन कॉरिडोर के सम्बन्ध में समझौते पर हस्ताक्षर किये गये थे।

चाबहार बंदरगाह

चाबहार बंदरगाह ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित है, यह बंदरगाह सामरिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। यह बंदरगाह चीन द्वारा पाकिस्तान में निर्मित ग्वादर बंदरगाह से केवल 100 नॉटिकल मील दूर स्थित है। भारत ने सर्वप्रथम 2003 में चाबहार बंदरगाह के विकास का प्रस्ताव रखा था। अफ़ग़ानिस्तान तथा मध्य एशिया तक पहुँच बनाने के लिए यह बंदरगाह भारतीय के लिए ‘सुनहरा द्वार’ है। फरवरी, 2018 चाबहार के पहले चरण (शाहिद बेहेश्ती) के क्रियान्वयन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये गये थे। इस समझौते के तहत इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड नामक भारतीय कंपनी चाबहार बंदरगाह का अंतरिम प्रभार अपने हाथ में लेगी।

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फैक्ट शीट : भारत-ज़ाम्बिया सम्बन्ध

हाल ही में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने ज़ाम्बिया के संसदीय प्रतिनिधिमंडल से नई दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के सदस्य के रूप में ज़ाम्बिया का स्वागत किया तथा उन्होंने शीघ्र ही अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन फ्रेमवर्क समझौते को पारित किये जाने की उम्मीद जताई।

भारत-ज़ाम्बिया सम्बन्ध

  • भारत और ज़ाम्बिया के बीच सम्बन्ध काफी मैत्रीपूर्ण हैं।
  • 1964 में ज़ाम्बिया की स्वतंत्रता के बाद के भारत ज़ाम्बिया को सबसे पहले मान्यता देने वालों देशों में से एक था।
  • भारत ने विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा जाम्बिया के आर्थिक व तकनीकी विकास में सहयोग किया है।
  • 2010 में भारत ने ज़ाम्बिया की विकास आवश्यकताओं के लिए 75 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन जारी की थी।
  • इसके अतिरिक्त 2010 में भारत में ज़ाम्बिया को स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों की परियोजनाओं के लिए 5 मिलियन डॉलर की ग्रांट प्रदान की थी।
  • भारत ने ज़ाम्बिया को शुल्क मुक्त तथा कोटा मुक्त श्रेणी में शामिल किया है।
  • भारत तकनीकी तथा सहयोग कार्यक्रम के तहत ज़ाम्बिया के सैन्य व असैन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित करता है।
  • ज़ाम्बिया ने जम्मू-कश्मीर तथा आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत का समर्थन किया है। ज़ाम्बिया ने 1998 में भारत के परमाणु परीक्षण का समर्थन किया था।
  • ज़ाम्बिया में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है।

2010 में भारत और ज़ाम्बिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 200 मिलियन डॉलर था, दोनों देशों ने इसके बढ़ाकर 1 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा था। भारत से ज़ाम्बिया को दवाएं, परिवहन उपकरण, प्लास्टिक तथा केमिकल उत्पाद निर्यात किये जाते हैं। जबकि भारत ज़ाम्बिया से बहुमूल्य धातुओं, अयस्क तथा कपास इत्यादि का आयत करता है।

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