भारत नेपाल सम्बन्ध

भारत नेपाल को स्कूलों के निर्माण के लिए 107.01 मिलियन रुपये उपलब्ध करवाएगा

16 मार्च, 2020 को भारत ने नेपाल में नए स्कूलों के निर्माण के लिए नेपाल के साथ ज्ञापन समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत भारत नेपाल को 107.01 मिलियन नेपाली रुपये उपलब्ध करवाएगा।

मुख्य बिंदु

भारत ने इस समझौते के प्रारंभिक चरण के रूप में 8 लाख भारतीय रुपये का चेक सौंपा। भारत-नेपाल विकास साझेदारी कार्यक्रम के द्वारा नेपाल में स्कूलों का निर्माण किया जाएगा। इस निर्माण कार्य में कपिलवस्तु जिला समन्वय समिति भी मदद करेगी।

जिला समन्वय समिति

जिला समन्वय समिति नेपाल का जिला-स्तरीय प्राधिकरण है। यह समिति प्रांतीय विधानसभा और ग्रामीण नगरपालिकाओं के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करती है। इस समिति के सदस्यों को पांच वर्ष की अवधि के लिए जिला विधानसभा द्वारा चुना जाता है। हर जिला समिति में 9 सदस्य होते हैं।

भारत-नेपाल सम्बन्ध

भारत और नेपाल का सदियों पुराना रिश्ता है जो उन्हें सांस्कृतिक, आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक रूप से जोड़ता है। भारत-नेपाल रिश्तों की शुरुआत 1950 में शांति व मित्रता संधि के साथ शुरू हुई थी।

भारत और नेपाल के बीच हालिया अनबन

नेपाल और भारत दोनों अपने देश के हिस्से के रूप में “कालापानी” नामक क्षेत्र पर दावा करते हैं। नवंबर 2019 में कालापानी को भारतीय राजनीतिक मानचित्र में दर्शाए जाने से विवाद पैदा हो गया था।

कालापानी उत्तराखंड राज्य में है। नेपाल के साथ उत्तराखंड की 80 किलोमीटर सीमा है। इसके अलावा 2015 में नेपाल ने भारत पर सीमा नाकाबंदी लगाने का आरोप लगाया।

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सूर्य किरण सैन्य अभ्यास का समापन हुआ

भारत और नेपाल के बीच ‘सूर्य किरण’ सैन्य अभ्यास का समापन 16 दिसम्बर, 2019 को हुआ। यह एक वार्षिक अभ्यास है, इसका आयोजन बारी-बारी से भारत और नेपाल में किया जाता है।

सूर्य किरण XIV

इस वर्ष के ‘सूर्य किरण’ अभ्यास में भारत और नेपाल की सेनाओं से लगभग 300 सैनिकों ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं  ने उग्रवाद रोधी रणनीतियां एक-दूसरे के साथ साझा की। इसके अतिरिक्त मानवीय सहायता मिशन पर भी दोनों सेनाओं ने मिलकर कार्य किया।

उद्देश्य : इस अभ्यास के तहत दोनों देशों के सेनाओं के बीच बटालियन स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसके द्वारा जंगली क्षेत्र में इंटरओपेराबिलिटी में वृद्धि होगी। इस अभ्यास में मुख्य फोकस आतंकवाद रोधी ऑपरेशनक, मेडिकल तथा मानवीय सहायता, आपदा राहत इत्यादि कार्य पर हैं।

यह अभ्यास दोनों देशों की सुरक्षा चुनौतियों को मध्यनजर रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण है। इस अभ्यास से दोनों देशों के बीच के संबंधों में भी मजबूती आएगी।

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