भारत-पाकिस्तान सम्बन्ध

पाकिस्तान ने किया “गजनवी” मिसाइल का परीक्षण

पाकिस्तान ने “गजनवी” मिसाइल का परीक्षण कर लिया है, यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। यह मिसाइल 290 किलोमीटर की रेंज तक अपने लक्ष्य को ध्वस्त कर सकती है। यह एक बैलिस्टिक मिसाइल है।

मुख्य बिंदु

इस मिसाइल के दायरे में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान तथा गुजरात आ जायेंगे। “गजनवी” सतह से सतह तक मार कर सकने वाली मिसाइल है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने 26 अगस्त को भारत को इस परीक्षण के बारे में सूचित किया था क्योंकि अक्टूबर,2005 में भारत और पाकिस्तान के बीच में मिसाइल टेस्ट प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किये गये थे, इस प्रोटोकॉल के तहत इस प्रकार के परीक्षण से पूर्व दूसरे देश को सूचित करना आवश्यक है।

गौरतलब है कि जब से भारत ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया है, तब से दोनों देशों के बीच सम्बन्ध काफी तनावपूर्ण हो गये हैं। पाकिस्तान लगातार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के विरुद्ध दुष्प्रचार करने का प्रयास कर रहा है, जिसमे उसे कोई विशेष सफलता नहीं मिली है।

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को नहीं मिला समर्थन

16 अगस्त, 2019 को कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की क्लोजड-डोर बैठक बुलाई गयी थी, इस बैठक में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की गयी। इस बैठक का आयोजन चीन के अनुरोध पर किया गया था। इस बैठक में पाकिस्तान को चीन के अलावा किसी अन्य देश का समर्थन नहीं मिला। भारत ने स्पष्ट किया है कि अनुच्छेद 370 को हटाया जाना एक आन्तरिक मामला है।

भारत द्वारा कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाये जाने के बाद पाकिस्तान विभिन्न मंचों पर समर्थन प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है। भारत पहले ही 370 को हटाये जाने को अपना आन्तरिक मामला बता चुका है। वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की अध्यक्षता पोलैंड के पास है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC)

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सबसे शक्तिशाली और संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संरक्षण इसकी प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। इसमें वीटो की शक्ति वाले पांच स्थायी देशों सहित 15 सदस्य होते हैं। पांच स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका हैं। 10 गैर-स्थायी सदस्य प्रत्येक दो साल के लिए चुने जाते हैं। इसकी शक्तियों में शांति नियंत्रण संचालन की स्थापना, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की स्थापना, और यूएनएससी संकल्पों के माध्यम से सैन्य कार्रवाई के प्राधिकरण शामिल हैं। यह एक संयुक्त राष्ट्र निकाय है जिसके पास सदस्य राज्यों के बाध्यकारी प्रस्ताव जारी करने का अधिकार है।

यूएनएससी शांति के खिलाफ खतरे को निर्धारित करने और आक्रामकता का जवाब देने के लिए उत्तरदायी है। यह राज्यों के बीच संघर्ष या विवाद को सुलझाने के शांतिपूर्ण साधन खोजने के प्रयास भी करता है। यह संयुक्त राष्ट्र महासचिव की संयुक्त राष्ट्र महासभा नियुक्ति और संयुक्त राष्ट्र में नए सदस्यों के प्रवेश की भी सिफारिश करता है।

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