भारत में वायु प्रदूषण

पर्यावरण मंत्रालय ने शुरू किया ‘हरित दिवाली-स्वस्थ दिवाली’ अभियान

पर्यावरण मंत्रालय ने ‘हरित दिवाली-स्वस्थ दिवाली’ शुरू करने की घोषणा की है,पिछले वर्ष भी इसी प्रकार का अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य दिवाली में पटाखों के जलाने के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करना है ताकि पर्यावरण तथा लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचे।

मुख्य बिंदु

उत्तर भारत में शीतकाल में पराली जलाने, धूलकण, कचरा जलाने तथा मौसमी परिस्थितियों के कारण वायु प्रदूषण काफी बढ़ जाता है, दिवाली के दौरान पटाखे जलाने से भी इस प्रदूषण में काफी वृद्धि होती है, इससे यह प्रदूषण और भी बढ़ जाता है। इससे बुजुर्गों, बच्चों तथा सांस सम्बन्धी परेशानियों से ग्रस्त लोगों को काफी दिक्कत होती है। पटाखों से एल्युमीनियम, मैग्नीशियम, बेरियम, तम्बा, सोडियम, लिथिय तथा स्ट्रोंटियम जैसे पदार्थ होते हैं।

पृष्ठभूमि

पिछले वर्ष भी इस अभियान को शुरू किया गया था, इस दौरान स्कूली बच्चों को पटाखे कम जलाने की शपथ दिलाई गयी थी तथा उन्हें पर्यावरण को मध्यनज़र रखते हुए दिवाली मनाने के लिए कहा गया था। तथा उन्हें इसके बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भी कहा गया था। इसके परिणाम काफी अच्छे रहे, तथा 2016 की तुलना में 2017 में प्रदूषण उतना अधिक नहीं हुआ।

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अप्रैल 2020 से भारत में केवल BS-VI वाहन ही बिकेंगे

हाल ही केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल, 2020 के बाद केवल BS-VI (भारत स्टेज-6) वाहन ही देश में बिकेंगे। BS-VI वाहन पर्यावरण के लिए कम नुकसानदेह होते हैं, इसके लिए पूरे देश में BS-VI इंधन भी उपलब्ध करवाया जायेगा।

मुख्य बिंदु

BS-VI इंधन की आपूर्ति के लिए सरकारी कंपनियां तेल शोधन कारखानों में लगभग 28,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। इस निवेश का उपयोग तेल शोधन कारखानों को अपग्रेड करने के लिए किया जायेगा, जिससे कि पर्यावरण के लिए कम नुकसानदेह BS-VI इंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

BS-VI वाहन और इंधन के आगमन ने वाहनों से उत्सर्जित होने वाले नुकसानदायक गैसों में कमी आएगी, और इससे प्रदूषण कम होगा।

भारत स्टेज उत्सर्जन मानक  (Bharat Stage Emission Standards)

यह भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया उत्सर्जन मानक है, यह यूरोपियन रेगुलेशन पर आधारित है। इसका उद्देश्य वाहनों द्वारा उत्सर्जित किये जाने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है। भारत स्टेज के मानक व समय सीमा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निश्चित की जाती है। यह मानक देश में पहली बार वर्ष 2000 में शुरू किये गए थे। देश में नए वाहनों का निर्माण इन मानकों के आधार पर ही किया जाता है। अक्टूबर 2010 में भारत स्टेज III मानक पूरे देश में लागू किये गए थे, अप्रैल 2017 से पूरे देश में BS-IV पूरे देश में लागू किया गया। 2016 में सरकार ने घोषणा की थी देश में BS-V लागू नहीं होगा, इसके स्थान पर BS-VI ही लागू किया जायेगा। भारत सरकार की योजना 2020 से BS-VI मानक लागू करने की है।

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