भारत सरकार

NLC और कोल इंडिया ने सोलर और थर्मल पावर एसेट्स के विकास के लिए जॉइंट वेंचर कंपनी बनायी

भारत सरकार की एक नवरत्न कंपनी- एनएलसी इंडिया लिमिटेड ने सोलर और थर्मल पावर एसेट्स विकसित करने के लिए एक जॉइंट वेंचर कंपनी (जेवीसी) बनाने के लिए एक महारत्न कंपनी- कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। ज्वाइंट वेंचर कंपनी में एनएलसी और कोल इंडिया दोनों की बराबर 50:50 इक्विटी होगी।

5000 मेगावाट (5 गीगावॉट) की सौर और थर्मल पावर संपत्तियों को संयुक्त उद्यम कंपनी द्वारा विकसित किया जाएगा।

संयुक्त उद्यम कंपनी की स्थापना कोयला मंत्रालय के तहत की जाएगी।

पृष्ठभूमि

कोल इंडिया लिमिटेड (इसकी सहायक कंपनियों सहित) की कुल वार्षिक बिजली की आवश्यकता 4.5 बिलियन यूनिट है, इतनी अधिक बिजली की आवश्यकता का हवाला देते हुए, कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया लिमिटेड को एक नेट ज़ीरो एनर्जी कंपनी (एक ऐसी इकाई जो अपनी खुद की हरित उर्जा तैयार करती है) बनने का काम सौंपा है, ।

नवंबर 2019 में यह बताया गया कि नेट ज़ीरो कंपनी के तहत, कोल इंडिया लिमिटेड के लिए 3000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन किया जाएगा, जबकि इसकी सहायक कंपनियों के लिए, 2000 मेगावाट अतिरिक्त थर्मल पावर उत्पादन की योजना बनाई गई थी।

एनएलसी इंडिया लिमिटेड

वर्ष 1956 में स्थापित NLC इंडिया लिमिटेड का मुख्यालय तमिलनाडु के नेवेली में है। कंपनी को पहले नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। यह भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है।

कोल इंडिया लिमिटेड

कोल इंडिया लिमिटेड को 1 नवम्बर, 1975 को स्थापित किया गया था। इसका मुख्यालय कोलकाता में है।

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भारत सरकार ने विश्व बैंक समूह के साथ तमिलनाडु में दो परियोजनाओं के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए

29 जून, 2020 को भारत सरकार और विश्व बैंक समूह ने तमिलनाडु में शहरी गरीबों को किफायती आवास प्रदान करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अंतर्गत दो परियोजनाएँ हैं- (i) तमिलनाडु आवास क्षेत्र सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम और (ii) तमिलनाडु आवास और आवास विकास परियोजना।

दोनों परियोजनाओं  के लिए ऋण विश्व बैंक समूह की ऋण शाखा  इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (IBRD) द्वारा प्रदान किया गया है। इस ऋण की परिपक्वता अवधि 20 वर्ष है।

तमिलनाडु आवास क्षेत्र का सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम (Tamil Nadu Housing Sector Strengthening Program)

इस समझौते के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत 200 मिलियन डालर का ऋण स्वीकृत किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कम आय वाले परिवारों के लिए किफायती आवास बढ़ाने के लिए राज्य में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करना है।

तमिलनाडु आवास और आवास विकास परियोजना (Tamil Nadu Housing and Habitat Development Project)

इस परियोजना के लिए समझौते के अनुसार 50 मिलियन डालर के ऋण समझौते को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के आवास क्षेत्र की नीतियों, विनियमों और संस्थानों को मजबूत करना है। इस परियोजना के माध्यम से, आवास वित्त में नवाचारों का भी समर्थन किया जाएगा।

परियोजना के लिए 50 मिलियन डालर में से, आवास वित्त में नवाचार के एक भाग के रूप में, तमिलनाडु शेल्टर फंड को 35 मिलियन अमरीकी डालर का इक्विटी योगदान प्रदान किया जाएगा।

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