भारत

नेपाल में भारत द्वारा निर्मित संस्कृत विद्यालय का उद्घाटन किया गया

पूर्वी नेपाल के प्रांत 1 के इलम जिले में संस्कृत विद्यालय  का उद्घाटन किया गया। इस विधालय का नाम ‘श्री सप्तमी गुरुकुल संस्कृत विद्यालय’ है।

उद्घाटन समारोह वर्चुअली काठमांडू में (भारत सरकार की ओर से) भारतीय दूतावास द्वारा बारबोट ग्राम विकास समिति और संस्कृत  विद्यालय की स्कूल प्रबंधन समिति ने भाग लिया था।

नव निर्मित संस्कृत विद्यालय के बारे में

श्री सप्तमई गुरुकुल संस्कृत विद्यालय का निर्माण नेपाल-भारत मैत्री: विकास भागीदारी (नेपाल में भारत सरकार का एक उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना) के तहत किया गया है। संस्कृत विद्यालय के निर्माण की लागत लगभग 31.13 मिलियन नेपाली रुपए है।

प्राथमिक विद्यालय के रूप में, संस्कृत विद्यालय 2009 में स्थापित किया गया था जिसे बाद में वर्ष 2014 में माध्यमिक स्तर के स्कूल में अपग्रेड किया गया था। संस्कृत में वैदिक और साथ ही साथ आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए, स्कूल का नवनिर्मित बुनियादी ढांचा छात्रों के लिए सीखने के माहौल को बहुत अधिक बढ़ावा देगा।

नेपाल-भारत मैत्री के तहत जून 2020 में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए

नेपाल-भारत मैत्री परियोजना के तहत, पर 16 जून, 2020, एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भारत और नेपाल ने हस्ताक्षर किये, जिसके तहत भारत नेपाल की राजधानी काठमांडू में प्रतिष्ठित पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में एक स्वच्छता सुविधा का निर्माण करेगा। इस परियोजना की लागत 2.33 करोड़ रुपये है।

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पाकिस्तान द्वारा वियना कन्वेंशन का उल्लंघन करने के बाद भारत ने 50% स्टाफ कटौती का निर्णय लिया

23 जून. 2020 को विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या को 50% कम करने का फैसला किया है और नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग को अपने स्टाफ में 50% की कमी करने के लिए कहा है।

राजनयिक संबंधों का यह महत्वपूर्ण डाउनग्रेडिंग निम्न के कारण है:

  1. भारतीय उच्चायोग के दो कर्मचारियों के बंदूक की नोक पर इस्लामाबाद में अपहरण किया गया और पाकिस्तानी अधिकारीयों द्वारा उनके साथ बर्बर व्यवहार किया गया।   यह दो भारतीय उच्चायोग के कर्मचारी 22 जून को भारत लौटे।
  2. दो पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी 31 मई, 2020 को जासूसी करते हुए रंगे हाथ पकडे गये।  ये दोनों पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी आतंकवादी संगठनों के साथ काम कर रहे थे। इन दो पाकिस्तानी नागरिकों को तुरंत उनके काम से निकाल दिया गया और उन्हें उसी दिन पाकिस्तान लौटने के लिए कहा गया। वर्षों से भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारियों की गतिविधियों पर लगातार चिंता व्यक्त की है।

पाकिस्तानी एजेंसियों द्वारा दो भारतीय उच्चायोग के कर्मचारियों के साथ इस असभ्य व्यवहार के साथ, पाकिस्तान ने वियना संधि और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समझौतों का भी उल्लंघन किया है।

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