भोपाल

भोपाल में खोली गयी भारत की पहली ई-वेस्ट क्लिनिक

मध्य प्रदेश के भोपाल में देश की पहली ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) क्लिनिक खोली गयी है। इस क्लिनिक इलेक्ट्रॉनिक कचरे का पृथक्करण किया जाएगा, उसके बाद कचरे का प्रसंस्करण करके उसका निपटान किया जाएगा। इसमें घरेलु तथा वाणिज्यिक इकाइयों से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक कचरे का निपटारा किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

इस ई-वेस्ट क्लिनिक की स्थापना केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) तथा भोपाल म्युनिसिपल कारपोरेशन द्वारा किया गया है। इस क्लिनिक को ट्रायल बेसिस पर शुरू किया गया है, इसका संचालन तीन महीने तक किया जाएगा। यदि यह क्लिनिक सफल रहती है तो बाद में देश के अन्य हिस्सों में भी इस प्रकार की क्लिनिक खोली जायेंगी।

इलेक्ट्रानिक कचरा का आशय किसी वैद्युत या इलेक्ट्रानिक उपकरण से है जो टूटा-फूटा, पुराना,खराब या बेकार होने के कारण फेंक दिया गया हो। इसमें से कुछ चीजें री-प्रोसेस् की जा सकतीं हैं।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , ,

भोपाल और जोरहाट में किया गया राष्ट्रीय डिजाईन संस्थान का उद्घाटन

भोपाल और जोरहाट में राष्ट्रीय डिजाईन संस्थान का उद्घाटन किया गया। केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने इन संस्थानों का उद्घाटन किया।

मुख्य बिंदु

कई सेक्टरों में डिजाईन व नवोन्मेष की भूमिका काफी अधिक बढ़ गयी है, इसलिए डिजाईन सम्बन्धी शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इसमें मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा स्मार्ट सिटी पहल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय डिजाईन नीति 2007 में राष्ट्रीय डिजाईन संस्थान अहमदाबाद की भाँती देश में अन्य स्थानों पर भी डिजाईन संस्थानों की स्थापना की अनुशंसा की गयी थी। इसके तहत आंध्र प्रदेश (अमरावती), असम (जोरहाट), मध्य प्रदेश (भोपाल) तथा हरियाणा (कुरुक्षेत्र) में राष्ट्रीय डिजाईन संस्थानों की स्थापना की जा रही है।

इन संस्थानों की स्थापना देश के अलग-अलग हिस्सों में की जा रही है। इन संस्थानों के द्वारा देश में कुशल कार्यबल का निर्माण होगा जिससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोज़गार में वृद्धि होगी।

राष्ट्रीय डिजाईन संस्थान

राष्ट्रीय डिजाईन संस्थान की स्थापना ईम्स रिपोर्ट के आधार पर की गयी थी। इसकी स्थापना सर्वप्रथम 191 में अहमदाबाद में एक अखिल भारतीय स्वायत्त संस्था के रूप में की गयी थी। इसे फोर्ड फाउंडेशन तथा साराभाई परिवार के सहयोग से बनाया गया था। वर्षों पश्चात् यह संस्थान संचार, औद्योगिक, टेक्सटाइल तथा आईटी क्षेत्र में अग्रणी डिजाईन संस्थान के रूप में उभर कर सामने आये हैं।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , ,

Advertisement