मनरेगा

झारखंड सरकार शहरी गरीबों के लिए जॉब गारंटी स्कीम लांच करेगी

झारखण्ड सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की तर्ज पर नौकरी की गारंटी योजना शुरू करने जा रही है,  झारखंड इस प्रकार की योजना शुरू करने वाला देश का दूसरा राज्य होगा, इससे पहले  केरल ने मनरेगा की तर्ज पर जॉब गारंटी स्कीम शुरू की है।

मुख्य बिंदु

मनरेगा (जो ग्रामीण गरीबों के लिए 100 दिन की नौकरी देने पर केंद्रित है)  के विपरीत यह योजना राज्य के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले अकुशल श्रमिकों के लिए 100-दिवसीय कार्य प्रदान करने पर केंद्रित होगी।  शहरी गरीबों के लिए आजीविका सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई गई इस योजना का नाम मुखयमंत्री SHRAMIK (Shahri Rozgar Manjuri For Kamgar) रखा जाएगा। इस योजना को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार है।

अय्यनकली शहरी रोजगार गारंटी योजना (AUEGS) शहरी गरीबों के लिए केरल सरकार की 100-दिवसीय रोजगार गारंटी योजना है।

यह योजना मनरेगा से कैसे भिन्न होगी?

21 जून, 2020 को झारखंड के शहरी विकास सचिव ने मीडिया सूचित किया है कि योजना में  बेरोजगारी भत्ते के लिए भी एक प्रावधान होगा। यह भत्ता तभी लागू होगा जब कोई स्थानीय निकाय अकुशल श्रमिक को 15 दिनों के भीतर नौकरी देने में विफल रहता है।

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मनरेगा को उच्चतम आवंटन प्रदान किया गया

भारत सरकार ने वर्ष 2020-21 में अब तक MGNREGA कार्यक्रम के तहत 1,01,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह लॉन्च के बाद से योजना के लिए आवंटित धन का उच्चतम प्रावधान है।

मुख्य बिंदु

भारत सरकार पहले ही 31,493 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। अब तक 6.69 करोड़ लोगों को योजना के तहत काम दिया गया है। मई, 2020 में प्रति दिन योजना के लिए 2.51 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

इस योजना के तहत सिंचाई, जल संरक्षण, बागवानी पर ध्यान दिया जा रहा है। यह योजना उन लाभकारी कार्यों पर भी केंद्रित है जो आजीविका को बढ़ावा देते हैं।

प्रवासी कामगार

मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूत किया गया है कि जो प्रवासी श्रमिक अपने गांवों में लौट आए हैं वे अपना जीवन यापन कर सकें।  इसे प्राप्त करने के लिए, भारत सरकार ने इस योजना के तहत मजदूरी दर को 182 रुपये से बढ़ाकर प्रति दिन 202 रुपये कर दिया है।

जल जीवन मिशन

श्रम गहन जल जीवन मिशन को सक्रिय रूप से पूरे देश में लागू किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मनरेगा मजदूरों को काम के घंटे अधिक मिले। जल जीवन मिशन का उद्देश्य देश के सभी घरों में स्वच्छ नल का पानी पहुंचाना है।

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