महात्मा गांधी

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने “स्वच्छ भारत ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप – 100 घंटे स्वच्छता के” कार्यक्रम शुरू किया

पेयजल तथा स्वच्छता मंत्रालय के सहयोग से मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ‘स्वच्छ भारत ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप – 100 घंटे स्वच्छता के ‘ कार्यक्रम शुरू किया है। कार्यक्रम का उद्देश्य देश भर के युवाओं को शामिल करना , ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता से संबंधित कार्य तथा विकास हेतु युवाओं में कौशल को विकसित करना है।
    

कार्यक्रम का लक्ष्य है:

० स्वच्छता से संबंधित कार्य हेतु युवाओं के कौशल तथा उन्मुखीकरण का विकास करना ।
० पूरे देश में युवाओं को स्वच्छता क्रांति में महत्वपूर्ण योगदान देने का अवसर प्रदान करना ।
० महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती तक ग्रामीण इलाकों में सामुदायिक सेवा में युवाओं को एकीकृत करना ।

स्वच्छ भारत अभियान

भारत सरकार द्वारा आरंभ किया गया स्वच्छ भारत अभियान राष्ट्रीय स्तर का अभियान है यह अभियान 02 अक्टूबर 2014 को महात्मा गाँधी के जन्मदिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किया गया था । इसका उद्देश्य गलियों, सड़कों तथा अधोसंरचना को स्वच्छ करना है।

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मोतिहारी में स्वच्छाग्रहियों के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

मोतिहारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वच्छाग्रहियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया गया। चंपारण में महात्मा गांधी के नेतृत्‍व में चलाए गए सत्याग्रह के शताब्‍दी समारोह के तहत इस सम्मेलन का आयोजन किया गया था।

चंपारण सत्याग्रह

o बागान मालिकों द्वारा प्रयुक्त तिनकठिया पद्धति के विरोध में किया गया चंपारण सत्याग्रह (1917) एक अहिंसक आंदोलन था, जिसने गांधी जी के सत्य तथा अहिंसा के ऊपर लोगों के विश्वास को भारत में सुदृढ़ किया। यह आंदोलन एक युग प्रवर्तक के रूप में उभरा।
o यह सत्य पर आधारित गुलाम भारत का प्रथम अहिंसक आंदोलन था। विरोधियों की निंदा करने के स्थान पर उनकी गलत नीतियों तथा शोषणयुक्त व्यवहार का तर्कपूर्ण विरोध इसके अंतर्गत किया गया।
o महिलाओं तथा अन्य स्थानीय लोगों के साथ-साथ कमज़ोर समझे जाने वाले वर्ग ने भी बढ़-चढ़ कर इसमें हिस्सा लिया।
o इसकी विशेष बात यह थी कि बिना किसी कठोर कार्रवाई के ही तिनकठिया पद्धति का अंत हो गया। तिनकठिया पद्धति के समाप्त होने के बाद भी बागान मालिक और किसानों के संबंध खराब नहीं हुए।
o भारत में इस आंदोलन के बाद से ही गांधी जी और उनकी अहिंसात्मक पद्धति का महत्त्व बढ़ा तथा वे एक वैश्विक नेता के रूप में उभरे।

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