महात्मा गांधी

58वें वेनिस बिएन्नाले 2019 में भारतीय पवेलियन 

8 वर्ष पश्चात् भारत पुनः कला जगत के सबसे पुराने बिएन्नाले (द्विवार्षिक इवेंट) में इटली के वेनिस में हिस्सा लेगा। इस इवेंट का आरम्भ 11 मई, 2019 को होगा। 58वें वेनिस बिएन्नाले 2019 की थीम “आवर टाइम फॉर ए फ्यूचर केयरिंग” है।

मुख्य बिंदु

इस इवेंट में भारतीय पवेलियन में 16 हरिपुरा पोस्टर्स प्रदर्शित किये जायेंगे, भारतीय पवेलियन की थीम “महात्मा गाँधी के 150 वर्ष” होगी। ऐसा दूसरी बार होगा जब भारत विश्व के सबसे बड़े कला इवेंट में पवेलियन स्थापित करेगा। भारतीय पवेलियन को किरण नादर म्यूजियम ऑफ़ आर्ट द्वारा तैयार किया गया है तथा इसे नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट के द्वारा कमीशन किया गया है। 1938 में महात्मा गाँधी ने आधुनिक कलाकार नंदलाल बोस को गुजरात के हरिपुरा में कांग्रेस के अधिवेशन में भारतीय जीवन के विभिन्न पहुलओं को चित्रित करने के लिए कहा था।

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गाँधी शांति पुरस्कार प्रदान किये

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गाँधी शांति पुरस्कार प्रदान किये। यह पुरस्कार 2015, 2016, 2017 तथ 2018 के लिए प्रदान किये गये।

अन्तर्राष्ट्रीय गाँधी शांति पुरस्कार के विजेता

अन्तर्राष्ट्रीय गाँधी शांति पुरस्कार के विजेता हैं : कन्याकुमारी में विवेकानंद केंद्र (2015), अक्षय पात्र फाउंडेशन तथा सुलभ इंटरनेशनल (2016), एकल अभियान ट्रस्ट (2017) तथा योहेई सासाकावा (2018) ।

  • कन्याकुमारी में विवेकानंद केंद्र को ग्रामीण विकास, शिक्षा तथा प्राकृतिक संसाधनों के विकास में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • अक्षय पात्र फाउंडेशन को देश में बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध करवाने के लिए सम्मानित किया गया।
  • सुलभ इंटरनेशनल को भारत में स्वच्छता सुविधा को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया।
  • एकल अभियान ट्रस्ट को ग्रामीण तथा जनजातीय क्षेत्र में बच्चों की शिक्षा के लिए कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया।
  • योहेई सासाकावा निप्पोन फाउंडेशन के चेयरपर्सन तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के गुडविल एम्बेसडर हैं। उन्हें कुष्ठरोग को समाप्त करने में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

अन्तर्राष्ट्रीय गाँधी शांति पुरस्कार

अन्तर्राष्ट्रीय गाँधी शांति पुरस्कार की स्थापना भारत सरकार ने 1995 में की थी। इस पुरस्कार के विजेताओं का चुनाव प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली जूरी द्वारा किया जाता है। इस जूरी में लोक सभा के नेता प्रतिपक्ष, भारत के मुख्य न्यायधीश तथा दो सुप्रसिद्ध व्यक्ति शामिल होते हैं। इस पुरस्कार के विजेता को एक करोड़ रुपये इनाम, प्रशस्ति पत्र तथा पारंपरिक हस्तशिल्प प्रदान किया जाता है।

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