महात्मा गांधी

चंपारण आन्दोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राजकुमार शुक्ला पर डाक टिकट जारी किया गया

18 दिसम्बर, 2018 को केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने नई दिल्ली में चंपारण आन्दोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राजकुमार शुक्ला की समृति में डाक टिकट जारी किया।

राजकुमार शुक्ला

राजकुमार शुक्ला का जन्म 23 अगस्त, 1875 को बिहार के चंपारण में हुआ था। उन्होंने गांधीजी को चंपारण आने के लिए आमंत्रित किया था। तत्पश्चात महात्मा गाँधी ने नील की खेती करने वाले किसानों के लिए आवाज़ उठाई तथा 1917 में चंपारण सत्याग्रह किया।

चंपारण सत्याग्रह

  • बागान मालिकों द्वारा प्रयुक्त तिनकठिया पद्धति के विरोध में किया गया चंपारण सत्याग्रह (1917) एक अहिंसक आंदोलन था, जिसने गांधी जी के सत्य तथा अहिंसा के ऊपर लोगों के विश्वास को भारत में सुदृढ़ किया। यह आंदोलन एक युग प्रवर्तक के रूप में उभरा।
  • यह सत्य पर आधारित गुलाम भारत का प्रथम अहिंसक आंदोलन था। विरोधियों की निंदा करने के स्थान पर उनकी गलत नीतियों तथा शोषणयुक्त व्यवहार का तर्कपूर्ण विरोध इसके अंतर्गत किया गया।
  • महिलाओं तथा अन्य स्थानीय लोगों के साथ-साथ कमज़ोर समझे जाने वाले वर्ग ने भी बढ़-चढ़ कर इसमें हिस्सा लिया।
  • इसकी विशेष बात यह थी कि बिना किसी कठोर कार्रवाई के ही तिनकठिया पद्धति का अंत हो गया। तिनकठिया पद्धति के समाप्त होने के बाद भी बागान मालिक और किसानों के संबंध खराब नहीं हुए।
  • भारत में इस आंदोलन के बाद से ही गांधी जी और उनकी अहिंसात्मक पद्धति का महत्त्व बढ़ा तथा वे एक वैश्विक नेता के रूप में उभरे।

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सायरिल राम्फोसा होंगे गणतंत्र दिवस 2019 में अंतर्राष्ट्रीय मुख्य अतिथि

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सायरिल राम्फोसा भारत के गणतंत्र दिवस 2019 समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। सायरिल राम्फोसा भारत की गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले दूसरे दक्षिणी अफ्रीकी नेता होंगे। उनसे पहले 1995 में नेल्सन मंडेला भारत की गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुए थे।

मुख्य बिंदु

सायरिल राम्फोसा अपार्थीड विरोधी नेता तथा महात्मा गाँधी के अनुयायी हैं। वे दिसम्बर, 2017 में जैकब जुमा का इस्तीफे के बाद दक्षिण अफ्रीका के पांचवें राष्ट्रपति बने थे। अप्रैल, 2018 में उन्होंने “गाँधी वाक” नामक इवेंट में 5000 लोगों का नेतृत्व किया था। दक्षिण अफ्रीका भारत का एक महत्वपूर्ण सहयोगी तथा ब्रिक्स का सदस्य है। आमतौर पर भारत के गणतंत्र दिवस पर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण देशों के राष्ट्राध्यक्षों को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाता है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में बुलाये जाने के कयास जा रहे हैं। परन्तु अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घरेलु व्यस्ताओं के कारण कार्यक्रम में शामिल होने में असमर्थता प्रकट की थी।

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