महिला सशक्तिकरण

जी.एस. लक्ष्मी बनीं ICC की पहली महिला मैच रेफरी

भारत की जी. एस. लक्ष्मी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् की पहली महिला रेफरी बन गयी हैं, अब वे अंतर्राष्ट्रीय मैचों में रेफरी के रूप में कार्य कर सकती हैं। 51 वर्षीय जी.एस. लक्ष्मी ने घरेलु महिला क्रिकेट में 2008-09 में मैच रेफरी के रूप में कार्य किया था। वे तीन महिला एक दिवसीय मैच तथा तीन महिला टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भी रेफरी के रूप में कार्य किया है। हाल ही में क्लेयर पोलोसक पुरुषों के एकदिवसीय मैच में अंपायरिंग करने वाली पहली महिला अंपायर बनीं थीं।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (ICC)

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् की स्थापना 15 जून, 1909 को की गयी थी। आरम्भ में इसकी स्थापना ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों द्वारा इम्पीरियल क्रिकेट कांफ्रेंस के रूप में की गयी थी। बाद में 1965 में इसका नाम इंटरनेशनल क्रिकेट कांफ्रेंस रखा गया,  1989 में इसका नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (ICC) रखा गया। ICC क्रिकेट की वैश्विक गवर्निंग बॉडी है। वर्तमान में ICC में कुल 105 सदस्य देश शामिलहैं। इसके केवल 12 पूर्णकालिक सदस्य हैं जो टेस्ट मैच खेलते हैं। अन्य 93 देश एसोसिएट सदस्य हैं। ICC अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की प्रमुख प्रतियोगिताएं का आयोजन करती है। यह स्पर्धाओं के लिए अंपायरों की नियुक्ति भी करती है।

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महिला अफसरों को भारतीय सेना की सभी 10 दस शाखाओं में स्थानीय कमीशन मिलेगा

रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा करते हुए स्पष्ट किया है कि अब महिलाओं को भारतीय सेना की सभी 10 शाखाओं में स्थायी कमीशन मिलेगा। स्थायी कमीशन दिए जाने से महिला अफसरों को भी सेवानिवृत्ति तक करियर मिलेगा।

महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन महत्व

  • रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि पहले जिन महिला अधिकारियों को शार्ट सर्विस कमीशन के लिए चुना गया था, अब उन्हें सशस्त्र सेनाओं में स्थायी कमीशन प्रदान किया जायेगा।
  • अब महिलाओं को सिग्नल्स, इंजिनियर, आर्मी एविएशन, सैन्य वायु रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, आर्मी सर्विस कॉर्प्स, आर्मी ऑर्डनेन्स कॉर्प्स तथा इंटेलिजेंस में स्थायी कमीशन दिया जायेगा।
  • महिला अधिकारियों को उनकी योग्यता तथा मेरिट के आधार पर स्थायी कमीशन प्रदान किया जाएगा।
  • स्थायी कमीशन मिल जाने से महिला अधिकारियों को अधिक समय तक सेना की विभिन्न शाखाओं में कार्य करने का मौका मिलेगा।
  • इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना की सभी शाखाओं में महिलाओं को स्थायी कमीशन के लिए मंज़ूरी दी थी।

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