राजनाथ सिंह

2021 जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग के बारे में पहली बार डाटा एकत्रित किया जायेगा

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना 2021 में अन्य पिछड़ा वर्ग के बारे में डाटा एकत्रित करने की घोषणा की है, स्वतंत्रता के बाद ऐसा पहली बार होगा। मंडल आयोग द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण दिए जाने के 25 वर्ष बाद इस डाटा को एकत्रित किया जा रहा। यह आरक्षण 1931 की जनसँख्या में एकत्रित किये गए डाटा के आधार पर प्रदान किया गया था।

2021 की जनसँख्या में ओबीसी जनसँख्या के बारे में डाटा एकत्रित करने के निर्णय केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली बैठक में लिया गया। इस डाटा का उपयोग ओबीसी वर्ग के उप-वर्गीकरण के लिए किया जायेगा।

पृष्ठभूमि

वर्ष 1953 में राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 340 के अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन काका केलकर की अध्यक्षता में किया था। इस आयोग का गठन अनुसूचित जाति व जनजाति के अतिरिक्त देश में राष्ट्रीय स्तर पर किसी अन्य पिछड़े वर्ग को चिन्हित करने के लिए किया गया था। इसके बाद 1979 में बी. पी. मंडल की अध्यक्षता में मंडल आयोग का गठन किया गया। मंडल आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 1257 समुदायों को पिछड़ा हुआ बताया था। इस आयोग ने आरक्षण के कोटा में वृद्धि करने की सिफारिश की थी। इन सिफारिशों को 1990 में वी. पी. सिंह सरकार ने स्वीकृत किया और इनका क्रियान्वयन किया।

पिछली UPA सरकार ने भी जातीगत सामाजिक व आर्थिक जनगणना की मांग को स्वीकार किया। इस जनगणना में 4,893 करोड़ रुपये का व्यय किया गया था। परन्तु भारत के रजिस्ट्रार ने इस जनगणना में कई गलतियों को चिन्हित किया, जिस कारण इस डाटा को सार्वजनिक नहीं किया जा सका।

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गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने किये 3 दिवसीय राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन का उद्घाटन

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने 3 दिवसीय राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक सुधार के लिए उठाये जा रहे क़दमों के बारे में जानकारी दी। राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन में GST के सरलीकरण, ई-कॉमर्स के लिए नीति, खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की प्रासंगिकता, डिजिटल भुगतान तथा ऋण इत्यादि मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सभी मुद्दों के लिए तीन दिन में अलग-अलग सत्र आयोजित किये जायेंगे। इस सम्मेलन के बाद CAIT सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगी।

अखिल भारतीय व्यापारी संघ

अखिल भारतीय व्यापारी संघ स्थापना 1990 के दशक में की गयी थी, इसकी स्थापना का उद्देश्य सदस्य व्यापारियों की समस्याओं का समाधान पर उन्हें प्रभावशाली सेवाएं प्रदान करना है। अखिल भारतीय व्यापारी संघ का मुख्यालय नई दिल्ली के ‘व्यापार भवन’ में स्थित है।

मुख्य उद्देश्य :

व्यापारी वर्ग को सहायता प्रदान करना।

व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासकों अथवा सरकार के समक्ष समस्या प्रस्तुत करना।

व्यापारियों को प्रशिक्षण प्रदान करना।

समय-समय पर चर्चा इत्यादी के लिए सम्मेलनों का आयोजन करना।

व्यापारियों के लिए निष्पक्ष व्यापार सम्बन्धी नीति का निर्माण करना।

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