राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन रणनीति

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुरू की 5 वर्षीय वित्तीय समावेश रणनीति

भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय समावेश (2019-24) के लिए राष्ट्रीय रणनीति (National Strategy for Financial Inclusion) लॉन्च की है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य किफायती तरीके से वित्तीय सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है।

मुख्य बिंदु

सेबी (भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड), PFRDA (पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) और भारतीय बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण (IRDAI) के साथ गहन परामर्श के बाद यह रणनीति शुरू की गई है। इस रणनीति को वित्तीय समावेश सलाहकार समिति (Financial  Inclusion Advisory Committee) की सिफारिशों के आधार पर लॉन्च किया गया है।

मुख्य सिफारिशें

इस रणनीति में शामिल मुख्य सिफारिशें निम्नलिखित हैं:

  • समिति ने सार्वभौमिक वित्तीय पहुंच की अनुशंसा की है। इसके तहत प्रत्येक गांव में 5 किमी के दायरे में औपचारिक वित्तीय सेवा प्रदाता होगा।
  • समिति ने 2022 तक कम नकदी वाले समाज का निर्माण करने के लिए डिजिटल वित्तीय सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की सिफारिश की है।
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत पंजीकृत प्रत्येक वयस्क को पेंशन योजना और बीमा योजना में नामांकित किया जाना चाहिए।
  • सार्वजनिक क्रेडिट रजिस्ट्री को मार्च 2022 तक पूरी तरह से चालू कर दिया जाना चाहिए।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

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