राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस

20 अक्टूबर : विश्व सांख्यिकी दिवस

20 अक्टूबर को विश्व सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है, इसकी शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी। इसकी घोषणा संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग द्वारा की गयी थी। इसे पांच वर्ष में एक बार मनाया जाता है। अलगी बार विश्व सांख्यिकी दिवस को 20 अक्टूबर, 2020 को मनाया जायेगा।

भारत में राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस

सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति तैयार करने में सांख्यिकी के महत्व के बारे में जन जागरूकता पैदा करने के लिए भारत में प्रत्येक वर्ष 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। यह दिवस सांख्यिकी, सांख्यिकीय प्रणाली और आर्थिक नियोजन के क्षेत्रों में स्वर्गीय प्रोफेसर प्रसंत चंद्र महालनोबिस के उल्लेखनीय योगदान के सम्मान के रूप में भी मनाया जाता है। वर्ष 2019 का विषय “सतत विकास लक्ष्य” (Sustainable Development Goals) है। यह विषय सांख्यिकीय प्रणाली और उत्पादों में गुणवत्ता के अनिवार्य मानकों के अनुपालन के महत्व को दर्शाता है।

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राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस : 29 जून

सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति तैयार करने में सांख्यिकी के महत्व के बारे में जन जागरूकता पैदा करने के लिए भारत में प्रत्येक वर्ष 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। यह दिवस सांख्यिकी, सांख्यिकीय प्रणाली और आर्थिक नियोजन के क्षेत्रों में स्वर्गीय प्रोफेसर प्रसंत चंद्र महालनोबिस के उल्लेखनीय योगदान के सम्मान के रूप में भी मनाया जाता है। वर्ष 2019 का विषय “सतत विकास लक्ष्य” (Sustainable Development Goals) है। यह विषय सांख्यिकीय प्रणाली और उत्पादों में गुणवत्ता के अनिवार्य मानकों के अनुपालन के महत्व को दर्शाता है।

प्रसंत चंद्र महालनोबिस

29 जून 1893 को कोलकाता में इनका जन्म हुआ और 28 जून 1972 को कोलकाता में मृत्यु हो गई थी। ये विश्व मान्यता प्राप्त करने वाले पहले भारतीय सांख्यिकीविद थे। 1933 में, उन्होंने पहली भारतीय सांख्यिकीय पत्रिका संख्या की स्थापना की थी। महालनोबिस ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) की स्थापना के लिए बड़े पैमाने पर नमूना सर्वेक्षण की योजना में योगदान भी दिया।

उन्होंने भारत में मानवमिति में विद्वानता हासिल की। वे वर्ष 1955 से 1967 तक योजना आयोग (PC) के सदस्य भी रहे थे। महालनोबिस दूसरी पंचवर्षीय योजना के सूत्रधार थे। दूसरी पंचवर्षीय योजना भारतीय अर्थव्यवस्था के महालनोबिस गणितीय विवरण पर निर्भर रही. इस योजना ने भारत में उद्योग के भारी विकास को प्रोत्साहित किया और इसे बाद में नेहरू-महालनोबिस मॉडल तथा आर्थिक विकास की मूल उद्योग रणनीति के रूप में जाना जाने लगा।

केंद्र सरकार ने आंकड़ों के क्षेत्र में स्वर्गीय प्रोफेसर पीसी महालनोबिस द्वारा किए गए उल्लेखनीय योगदान को मान्यता देने हेतु 2007 में राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में 29 जून को निर्दिष्ट किया था।

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