रूसी सेना

रूसी सेना ने अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल ‘सरमत’ का सफल परीक्षण किया

रूसी सेना ने अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) ‘सरमत’ का सफल परीक्षण किया है. उत्तर-पश्चिमी रूस के प्लेसेत्स्क कॉस्मोड्रोम (प्रक्षेपण केंद्र) से ‘सरमत’ मिसाइल का प्रक्षेपण किया गया.

‘सरमत’ मिसाइल सोवियत युग में डिजाइन किए गए ‘वोयेवोडा’ का स्थान लेगी. विश्व की सबसे भारी आईसीबीएम के रूप में ‘वोयेवोडा’ को जाना जाता है है जिसे पश्चिमी देशों में ‘शैतान’ (SATAN) के नाम से जाना जाता है.

रूसी राष्ट्रपति की ओर जारी एक बयान में कहा गया कि ‘सरमत’ का वजन 200 मीट्रिक टन है और यह‘ वोयेवोडा’ से ज्यादा लंबी दूरी तक मार कर सकती है. ‘सरमत’ विश्व के किसी भी कोने में उत्तरी या दक्षिणी ध्रुवों पर उड़ान भर सकती है और विश्व में किसी भी जगह पर अपने लक्ष्य को भेद सकती है.

सरमत मिसाइल

• सरमत मिसाइल की मारक क्षमता 12,000 किलोमीटर से भी अधिक आंकी गयी है.

• अपने साथ 10 परमाणु हथियार अर्थात लगभग 100 टन वजनी परमाणु सामग्री यह मिसाइल ले जा सकती है.

• दुनिया के किसी भी कोने पर अत्याधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली को भी चकमा देकर हमला करने में सरमत मिसाइल सक्षम है.

• सरमत मिसाइल का असली नाम आरएस-28 ‘सरमत’ है जिसे नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (नाटो) ने शैतान-2 नाम भी दिया है.

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