रेल मंत्रालय

रेल यात्रियों के लिए सरकार ने रेल मदद ऐप लॉन्च किया

रेल मंत्रालय ने रेल यात्रियों की विभिन्न शिकायतों के निवारण में तेजी लाने और व्यवस्थित तरीके के लिए एक मोबाइल ऐप ‘रेल मदद’ (MADAD – Mobile Application for Desired Assistance During travel) लॉन्च किया है. रेल यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने की कोशिश के साथ लॉन्च किए गए इस ऐप पर रेल संबंधी किसी भी शिकायत को दर्ज किया जा सकेगा. ये एप ऐंड्रॉयड व आईओएस यूजर्स दोनों के लिए उपलब्ध हैं.

रेल मदद ऐप

इस ऐप ने पहली बार शिकायत प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल रूप प्रदान किया है. यह ऐप उत्तरी रेलवे (दिल्ली विभाग) द्वारा विकसित RPGRAMS (Railway Passenger Grievance Redressal and Management System) के साथ जुड़ा हुआ है. ऐप कम जानकारी लेते हुये यात्रियों की शिकायतें दर्ज करता है. अपना नाम और मोबाइल नंबर भर कर कोई भी यात्री ओटीपी की मदद से इसमें आसानी से लॉग-इन कर सकता है और साथ ही इसमें अपनी फोटो अटैच करने की भी सुविधा है. यह तत्काल कार्रवाई के लिए संबन्धित क्षेत्र के अधिकारियों को ऑनलाइन शिकायत करता है. शिकायत पर की गई कार्रवाई को एसएमएस के माध्यम से यात्री को भी सूचित किया जाता है. यह विभिन्न हेल्पलाइन नंबर (सुरक्षा हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन इत्यादि) भी प्रदर्शित करता है और आसान चरण में तत्काल सहायता के लिए सीधी कॉलिंग सुविधा भी मुहैया कराता है.

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

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मिशन रफ्तार : रेलगाड़ियों की गति बढ़ाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला

रेल मंत्रालय ने एक दिवसीय कार्यशाला ‘मिशन रफ्तार’ का आयोजन किया जिसका उद्देश्य नई दिल्ली में फ्रेट ट्रेनों तथा यात्री ट्रेनों की औसत गति में वृद्धि करना है. कार्यशाला का उद्घाटन रेल राज्य मंत्री श्री राजेन गोहेन और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री अश्विनी लोहानी ने किया था. इस एक दिवसीय कार्यशाला के अवसर पर रेलवे बोर्ड के सभी सदस्य, रेल मंडलों के महाप्रबंधक सहित वरिष्ठ रेल अधिकारी भी उपस्थित थे.

मिशन रफ्तार का लक्ष्य और इसके महत्व

इस मिशन का लक्ष्य फ्रेट ट्रेनों की औसत गति को दोगुना करना और यात्री ट्रेनों की औसत गति पांच वर्ष की अवधि में 25 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाना है. सड़क और हवाई मार्ग से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा के साथ तालमेल रखने के लिए भारतीय रेलवे की रणनीति के हिस्से के रूप में इस मिशन को लॉन्च किया गया है. रेलों की औसत गति को बढ़ाने से यात्रा अवधि को कम करने, माल ढोने में लगने वाले समय को कम करने, संचालन लागत को कम करने, राजस्व बढ़ाने तथा रेलवे की बाजार हिस्सेदारी को बढ़ाने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी. स्वर्णिम चतुर्भुज (दिल्ली-मुंबई-चेन्नई-कोलकाता) पर रेलवे के प्रमुख मार्ग है. इन रेल-मार्गों से 58 प्रतिशत फ्रेट यातायात तथा 52 प्रतिशत यात्री यातायात का संचालन होता है.

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