रेल मंत्रालय

रेल मंत्रालय की आधुनिक ई-टिकट प्रणाली

केंद्रीय रेल मंत्रालय ने भारतीय रेलवे के ऑनलाइन यात्रा पोर्टल (www.irctc.co.in) पर अपनी आधुनिक ई-टिकट (NGeT – Next Generation e-Ticketing) प्रणाली का नया यूजर इंटरफेस लॉन्च किया है. भारतीय रेलवे ने नई ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली (एनजीईटी प्रणाली) के माध्यम से, यात्रा की योजना और टिकटों की खरीद को स्वचालित करके इसे उपयोगकर्ता के अनुकूल, आसान और रेल टिकट बुकिंग का सुगम तरीका प्रदान किया है.

इसे प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग करने और भारत के नागरिकों के जीवन को आसान बनाने में केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया की पहल के हिस्से के रूप में लॉन्च किया गया है.

आधुनिक ई-टिकट प्रणाली के नए यूजर इंटरफेस की विशेषताएं

इस नए इंटरफेस का उपयोग करके अब उपयोगकर्ता सिस्टम में लॉग-इन किए बिना ही ट्रेनों के बारे में जानकारियां ले सकते हैं, और सीटों की उपलब्धता की जांच भी कर सकते हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं का समय बच जाएगा. अब उपयोगकर्ता वेबसाइट को आसानी से देखने के लिए वेबसाइट का फ़ॉन्ट आकार भी बदल सकते हैं.

इस नए यूजर इंटरफेस पर श्रेणी-वार, रेलगाड़ी-वार, गंतव्‍य–वार, प्रस्‍थान और आगमन समय-वार और कोटा-वार, फिल्‍टर की व्‍यवस्‍था भी की गई है, जिससे यात्रियों को उनकी यात्रा के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिल सके. यह इंटरफेस ट्रेन के बारे में सभी जानकारीयों को व्यवस्थित रूप से एक ही स्‍क्रीन पर उपलब्‍ध करता है, जिसमें ट्रेन नंबर, ट्रेन का नाम, प्रस्‍थान व गंतव्य स्टेशन, उनके बीच की दूरी, और रेल के आगमन और प्रस्थान का समय शामिल है. इसमें ‘माई ट्रांजैक्‍शंस’ जैसी भुगतान की नई सुविधाएं भी शामिल हैं, जिससे उपयोगकर्ता को यात्रा तिथि पर आधारित बुक किए गए टिकट, बुकिंग तिथि, आगामी यात्रा और पूर्ण हो चुकी यात्रा के बारे में जानकारी मिल सकेगी. इसमें प्रतीक्षा सूची की पूर्व सूचना भी शामील की गई है, जो उपयोगकर्ता को प्रतीक्षा-सूची या आरएसी टिकट की पुष्टि होने की संभावना प्रदान करने की अनुमति देगी.

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केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड (बीएससीएल) को बंद करने की स्वीकृति दी

रेल मंत्रालय के अंतर्गत केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सार्वजनिक प्रतिष्ठान बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड (बीएससीएल) को बंद करने की स्वीकृति दे दी है। 10 वर्षों से अधिक समय में कंपनी की निरंतर गिरते भौतिक और वित्तीय प्रदर्शन तथा भविष्य में पुनरोत्थान की कम संभावना के कारण यह निर्णय लिया गया है।

मुख्य तथ्य

० घाटे में चल रही बीएससीएल के लिए उपयोग में लाए जा रहे सार्वजनिक धन की इससे बचत होगी और अन्य विकास कार्य के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा।
० लगभग 417.10 करोड़ रुपये का एक समय का अनुदान सरकार बंटवारा पैकेज और कंपनी की चालू देनदारियों को खत्म करने के लिए देगी।
० भारत सरकार (रेल मंत्रालय) द्वारा कंपनी को दिए गए 35 करोड़ रुपये के बकाया ऋण का मोचन कर दिया जाएगा। बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड (बीएससीएल) के 508 कर्मचारी स्वैच्छिक अवकाश योजना (वीआरएस) से लाभान्वित होंगे।

पृष्ठभूमिः

1976 में बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड गठित की गई थी। राष्ट्रीकरण वर्ष 1987 में इसके साथ बर्न एंड कंपनी तथा इंडिया स्टेंडर्ड वैगन कंपनी लिमिटेड का भारी उद्योग विभाग के अंतर्गत एकीकरण कर दिए जाने के बाद वर्ष 1994 में कंपनी का मामला औद्योगिक तथा वित्तीय पुनर्निर्माण बोर्ड (बीआईएफआर) को भेजा गया इसके बाद इसे वर्ष 1995 में बीमार घोषित कर दिया गया। कंपनी तब से बीमार स्थिति में है। आर्थिक मामलों की समिति की स्वीकृति के अनुसार 15-09-2010 को कंपनी का प्रशासनिक नियंत्रण डीएचआई से रेल मंत्रालय को सौंप दिया गया। कंपनी वैगनों के निर्माण और मरम्मत तथा इस्पात उत्पादन का कार्य करती है।

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