रॉयल एयर फ़ोर्स

प्रधानमंत्री ने भारतीय वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह के सम्मान में डाक टिकट जारी किया  

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह के सम्मान में डाक टिकट जारी किया। इसे वायुसेना के ‘एट होम’ कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली में जारी किया गया।

अर्जन सिंह

15 अप्रैल, 1919 में अर्जन सिंह का जन्म लायलपुर (अब फैसलाबाद, पाकिस्तान) में हुआ था, उनका निधन 16 सितम्बर, 2017 को नई दिल्ली में हुआ था।

वायुसेना करियर : उन्हें 19 वर्ष की आयु में रॉयल एयर फ़ोर्स के एम्पायर पायलट प्रशिक्षण कोर्स के लिए चुना गया था। उन्होंने 15 अगस्त, 1947 को दिल्ली में लाल किले के ऊपर से एक सौ से अधिक विमानों के फ्लाई-पास्ट का नेतृत्व किया था। वे अगस्त, 1964 से 1969 तक वायुसेना प्रमुख रहे। 1966 में वे एयर चीफ मार्शल का रैंक प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बने थे। 1965 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने भारतीय वायुसेना का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने वायुसेना का ऑपरेशन ग्रैंड स्लैम लांच किया था, इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान के महत्वपूर्ण नगर अखनूर को निशाना बनाया गया था। अर्जन सिंह अगस्त, 1969 को भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए।

उन्होंने स्विट्ज़रलैंड में भारत के एम्बेसडर के रूप में कार्य किया। 1989-90 के दौरान उन्होंने दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में कार्य किया।

पुरस्कार व सम्मान : भारत सरकार ने 2002 में उन्हें ‘मार्शल ऑफ़ द इंडियन एयरफ़ोर्स’ का रैंक प्रदान किया था। वे प्रथम तथा एकमात्र ‘फाइव स्टार’ रैंक के वायुसेना अधिकारी थे। उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उनके सम्मान में केंद्र सरकार ने 2016 में पश्चिम बंगाल के पानागढ़ एयर फ़ोर्स बेस का नाम बदलकर ‘एयर फ़ोर्स स्टेशन अर्जन सिंह ‘कर दिया था।

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