लद्दाख

केन्द्रीय जनजातीय मामले मंत्रालय ने लद्दाख को 6वीं अनुसूची क्षेत्र घोषित करने के लिए प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा

केन्द्रीय जनजातीय मामले मंत्रालय ने लद्दाख को 6वीं अनुसूची क्षेत्र घोषित करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। केन्द्रीय जनजातीय मामले मंत्री अर्जुन मुंडा ने हाल ही में घोषणा की कि लद्दाख को 6वीं अनुसूची क्षेत्र में शामिल करने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है।

6वीं अनुसूची में शामिल क्षेत्रों में स्व-शासन पर बल दिया जाता है तथा जनजातीय समुदायों को काफी स्वायत्तता भी दी जाती है। जनजातीय समुदाय अपने कानून स्वयं बना सकते हैं। इन क्षेत्रों को सामाजिक व अधोसंरचना विकास के लिए केंद्र सरकार से काफी फंड्स भी मिलते हैं। असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम 6वीं अनुसूची में शामिल हैं।

लद्दाख

लद्दाख भारत के सबसे नवीनतम केंद्र शासित प्रदेशों में से एक है। लद्दाख 31 अक्टूबर, 2019 को केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अस्त्तिव में आया था। लद्दाख का क्षेत्रफल 59,146 वर्ग किलोमीटर है। इसका कुल जनसँख्या 2,74,289 है। केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अस्तित्व में आने से पहले लद्दाख जम्मू-कश्मीर का हिस्सा हुआ था। गौरतलब है कि लद्दाख के लिए विधानसभा की व्यवस्था नहीं की  गयी है।

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लद्दाख में किया गया खाद्य प्रसंस्करण शिखर सम्मेलन का आयोजन

16 जनवरी, 2020 को लद्दाख में केन्द्रीय खाद्य प्रसंकरण उद्योग मंत्रालय के अधीन उद्योग व वाणिज्य विभाग ने खाद्य प्रसंस्करण शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। इसके अन्य हितधारक इन्वेस्ट इंडिया और राष्ट्रीय निवेश प्रोत्साहन व प्रसुविधा एजेंसी  भी इसमें शामिल थे।

मुख्य बिंदु

इस शिखर सम्मेलन में लद्दाख के खाद्यान्न उत्पादकों ने हिस्सा लिया, इसमें दूध, जौ, मांस, जैविक सब्जी, सेब इत्यादि के उत्पादक शामिल थे। इस शिखर सम्मेलन में Ladakh Action Plan for Food Processing प्रस्तुत किया गया।

इस शिखर सम्मेलन में खाद्य प्रसंस्करण की चैन मैपिंग पर बल दिया गया तथा स्थानीय जनसँख्या में कृषि व खाद्य प्रसंस्करण में जोड़ने पर चर्चा की गयी। इसमें मुख्य रूप से लेह और कारगिल क्षेत्र पर फोकस किया गया।

मौजूदा स्थिति

हालांकि लद्दाख में अनाज, सब्जी इत्यादि के उत्पादन की काफी क्षमता है, परन्तु लद्दाख में कृषि काफी कम की जाती है। कृषि की जगह पर्यटन ही आजीविका का प्रमुख साधन बन गया है। कृषि में लोगों का रुझान कम होने के अन्य कारण कृषि के उचित समय का कम होना तथा उत्पादन का कम होना है।

सरकार द्वारा उठाये गये कदम

  • भारत सरकार लद्दाख में कृषि को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन हाउस, पोल्ट्री फार्मिंग जैसे विकल्प उपलब्ध करवा रही है।
  • लद्दाख में फसल की नवीनतम व उच्च उत्पादन वाली प्रजातियाँ मुहैया करवाई गयी हैं, इसके अलावा जैविक कृषि पर बल दिया जा रहा है।
  • केंद्र सरकार लद्दाख  के किसानों को कृषि उत्पादन बढाने के लिए शीत ऋतू तकनीक अपनाने के लिये प्रेरित कर रही है।

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