वायु प्रदूषण

पर्यावरण मंत्रालय ने शुरू किया ‘हरित दिवाली-स्वस्थ दिवाली’ अभियान

पर्यावरण मंत्रालय ने ‘हरित दिवाली-स्वस्थ दिवाली’ शुरू करने की घोषणा की है,पिछले वर्ष भी इसी प्रकार का अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य दिवाली में पटाखों के जलाने के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करना है ताकि पर्यावरण तथा लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचे।

मुख्य बिंदु

उत्तर भारत में शीतकाल में पराली जलाने, धूलकण, कचरा जलाने तथा मौसमी परिस्थितियों के कारण वायु प्रदूषण काफी बढ़ जाता है, दिवाली के दौरान पटाखे जलाने से भी इस प्रदूषण में काफी वृद्धि होती है, इससे यह प्रदूषण और भी बढ़ जाता है। इससे बुजुर्गों, बच्चों तथा सांस सम्बन्धी परेशानियों से ग्रस्त लोगों को काफी दिक्कत होती है। पटाखों से एल्युमीनियम, मैग्नीशियम, बेरियम, तम्बा, सोडियम, लिथिय तथा स्ट्रोंटियम जैसे पदार्थ होते हैं।

पृष्ठभूमि

पिछले वर्ष भी इस अभियान को शुरू किया गया था, इस दौरान स्कूली बच्चों को पटाखे कम जलाने की शपथ दिलाई गयी थी तथा उन्हें पर्यावरण को मध्यनज़र रखते हुए दिवाली मनाने के लिए कहा गया था। तथा उन्हें इसके बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भी कहा गया था। इसके परिणाम काफी अच्छे रहे, तथा 2016 की तुलना में 2017 में प्रदूषण उतना अधिक नहीं हुआ।

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वायु : दिल्ली में किया गया वायु प्रदूषण नियंत्रण डिवाइस का उद्घाटन

केन्द्रीय विज्ञान व तकनीक तथा पृथ्वी विज्ञान व पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए ‘वायु’ (WAYU : Wind Augmentation PurifYing Unit) नामक डिवाइस का उद्घाटन किया गया। इस डिवाइस को नई दिल्ली के ITO और मुबारका चौक के इंटरसेक्शन में स्थापित किया गया है। यह डिवाइस हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों को अवशोषित कर लेती है।

WAYU (Wind Augmentation PurifYing Unit)

इस डिवाइस को स्वदेशी रूप से वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् – राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (CSIR-NEERI) द्वारा विकसित किया गया है। इस डिवाइस के लिए विज्ञान व तकनीक विभाग द्वारा फंडिंग प्रदान की जाती है। यह प्रोटोटाइप डिवाइस 500 वर्ग मीटर के क्षेत्र में हवा को शुद्ध कर सकती है। इस डिवाइस को मरम्मत इत्यादि का मासिक खर्च केवल 1500 रुपये है।

यह यह डिवाइस पार्टिकुलेट मैटर को फ़िल्टर करती है तथा हानिकारक गैसों को एक्टिवेटिड चारकोल व UV लैंप की सहायता से शुद्ध करती है। इस डिवाइस में एक पंखा व फ़िल्टर लगाया गया है। इसमें 2 UV लैंप तथा आधा किलोग्राम एक्टिवेटिड चारकोल होगा है, इस एक्टिवेटिड चारकोल को टाइटेनियम डाइऑक्साइड नामक विशेष रसायन की परत चढ़ाई जाती है। CSIR-NEERI द्वारा “वायु” डिवाइस का बड़ा संस्करण बनाया जा रहा है, यह बड़ी डिवाइस 10,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में हवा को शुद्ध कर सकेगी।

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