वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद्

CSIR वैश्विक बाज़ार के लिए नई दवाएं विकसित करेगा

वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) तथा केन्द्रीय औषधि अनुसन्धान संस्थान (CDRI) ने  नई दवाओं के विकास तथा भारतीय व वैश्विक बाज़ार के लिए दवाओं की री-पर्पजिंग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। इस कार्य में फार्मास्यूटिकल कंपनी सिप्ला को भी शामिल किया गया है।

ड्रग री-पर्पजिंग क्या है?

अनुसंधानात्मक दवाओं तथा पहले से मान्यता प्राप्त दवाओं के  उपयोग खोजना ड्रग री-पर्पजिंग कहलाता है। इसका द्वारा सामान्य तथा दुर्लभ रोगों का उपचार किया जाता है। ड्रग री-पर्पजिंग से दवाओं की विकास लागत कम होती है तथा दवाओं के निर्माण में कम समय सकता है।

 वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR)

यह देश की अग्रणी स्वायत्त  अनुसन्धान व विकास संगठन है। इसकी स्थापना 1942 में की गयी थी। यह रजिस्ट्रेशन ऑफ़ सोसाइटीज एक्ट, 1960 के तहत पंजीकृत एक स्वायत्त संस्था है। इसे मुख्य रूप से केन्द्रीय विज्ञान व तकनीक मंत्रालय द्वारा फंडिंग की जाती है। प्रधानमंत्री CSIR के अध्यक्ष होते हैं। एक सर्वेक्षण में विश्व के 1207 सरकारी संस्थानों में से इसे 9वां स्थान प्राप्त हुआ था। यह देश में 38 राष्ट्रीय अनुसन्धान प्रयोगशालाओं का संचालन करती है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

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शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार 2019

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित काय्रक्रम के दौरान शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार 2019 प्रदान किये। यह पुरस्कार वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) के 78वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदान किये गये।

विजेता

जीवविज्ञान : डॉ. कायरत साईं कृष्णन (भारतीय विज्ञान, शिक्षा व अनुसन्धान परिषद्, पुणे), डॉ सौमेन बसक (राष्ट्रीय इम्म्युनोलोजी संस्थान, नई दिल्ली)

रसायन विज्ञान : डॉ. राघवन बी. सुनोज (IIT बॉम्बे), डॉ. तपस कुमार माजी (जवाहरलाल नेहरु एडवांस्ड वैज्ञानिक अनुसन्धान केंद्र, बंगलुरु)।

पृथ्वी, वायुमंडल, महासागर व ग्रहीय विज्ञान : डॉ. सुबिमल घोष (IIT बॉम्बे) ।

इंजीनियरिंग विज्ञान : मानिक वर्मा (माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया, बंगलुरु)।

गणित : डॉ. धीरज कुमार (जेनेटिक इंजीनियरिंग व बायोटेक्नोलॉजी के लिए अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली), डॉ मोहम्मद जावेल अली (LV प्रसाद नेत्र संस्थान, हैदराबाद)।

भौतिक विज्ञान : डॉ. अनिन्दा सिन्हा (IISc बंगलुरु), डॉ. शंकर घोष (TIFR,मुंबई)

शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार

विज्ञान व तकनीक के लिए शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार की स्थापना 1957 में की गयी थी। इस पुरस्कार की स्थापना वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) के संस्थापक निदेशक डॉ. शांति स्वरुप भटनागर की स्मृति में की गयी थी। यह पुरस्कार युवा वैज्ञानिकों तथा इंजिनियरों को उनके अनुसन्धान व विकास कार्य के लिए प्रदान दिया जाता है।

यह पुरस्कार प्रतिवर्ष वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) द्वारा प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र, प्लाक तथा पांच लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं।  यह पुरस्कार जीव विज्ञानं, रसायन विज्ञान, मेडिकल साइंस, भौतिक विज्ञान, गणित, इंजीनियरिंग , वायुमंडल, महासागर तथा ग्रहीय विज्ञान के क्षेत्र में प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार 45 वर्ष से कम आयु के वैज्ञानिक अथवा इंजिनियर को शोधकार्य के लिए दिया जाता है।

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