वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद्

शेखर मंडे नियुक्त किये गये CSIR के महानिदेशक

कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने डॉ. शेखर मंडे को वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) का महानिदेशक नियुक्त किया गया। वे गिरीश साहनी को जगह लेंगे, गिरीश साहनी अगस्त, 2018 में सेवानिवृत्त हुए थे।

डॉ. शेखर मंडे

डॉ. शेखर मंडे एक स्ट्रक्चरल बायोलॉजिस्ट हैं, वे राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केंद्र में निदेशक के पद पर कार्यरत्त हैं। वे डीएनए फिंगरप्रिंटिंग व डायग्नोस्टिक्स केंद्र, हैदराबाद में भी कार्य कर चुके हैं। वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से सम्बंधित विज्ञान भारती से भी जुड़े हुए हैं। उन्हें 2005 में एस. एस. भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR)

यह देश की अग्रणी स्वायत्त  अनुसन्धान व विकास संगठन है। इसकी स्थापना 1942 में की गयी थी। यह रजिस्ट्रेशन ऑफ़ सोसाइटीज एक्ट, 1960 के तहत पंजीकृत एक स्वायत्त संस्था है। इसे मुख्य रूप से केन्द्रीय विज्ञान व तकनीक मंत्रालय द्वारा फंडिंग की जाती है। प्रधानमंत्री CSIR के अध्यक्ष होते हैं। एक सर्वेक्षण में विश्व के 1207 सरकारी संस्थानों में से इसे 9वां स्थान प्राप्त हुआ था। यह देश में 38 राष्ट्रीय अनुसन्धान प्रयोगशालाओं का संचालन करती है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

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वायु : दिल्ली में किया गया वायु प्रदूषण नियंत्रण डिवाइस का उद्घाटन

केन्द्रीय विज्ञान व तकनीक तथा पृथ्वी विज्ञान व पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए ‘वायु’ (WAYU : Wind Augmentation PurifYing Unit) नामक डिवाइस का उद्घाटन किया गया। इस डिवाइस को नई दिल्ली के ITO और मुबारका चौक के इंटरसेक्शन में स्थापित किया गया है। यह डिवाइस हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों को अवशोषित कर लेती है।

WAYU (Wind Augmentation PurifYing Unit)

इस डिवाइस को स्वदेशी रूप से वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् – राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (CSIR-NEERI) द्वारा विकसित किया गया है। इस डिवाइस के लिए विज्ञान व तकनीक विभाग द्वारा फंडिंग प्रदान की जाती है। यह प्रोटोटाइप डिवाइस 500 वर्ग मीटर के क्षेत्र में हवा को शुद्ध कर सकती है। इस डिवाइस को मरम्मत इत्यादि का मासिक खर्च केवल 1500 रुपये है।

यह यह डिवाइस पार्टिकुलेट मैटर को फ़िल्टर करती है तथा हानिकारक गैसों को एक्टिवेटिड चारकोल व UV लैंप की सहायता से शुद्ध करती है। इस डिवाइस में एक पंखा व फ़िल्टर लगाया गया है। इसमें 2 UV लैंप तथा आधा किलोग्राम एक्टिवेटिड चारकोल होगा है, इस एक्टिवेटिड चारकोल को टाइटेनियम डाइऑक्साइड नामक विशेष रसायन की परत चढ़ाई जाती है। CSIR-NEERI द्वारा “वायु” डिवाइस का बड़ा संस्करण बनाया जा रहा है, यह बड़ी डिवाइस 10,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में हवा को शुद्ध कर सकेगी।

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