व्लादिमीर पुतिन

रूस ने भारत में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश का दिया आश्वासन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है, रूस भारत में परिवहन, उर्जा, रक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था इत्यादि क्षेत्रों में निवेश करेगा। इसके साथ-साथ दोनों देश व्यापार के मार्ग में आने वाली रुकावटों को भी दूर करने का प्रयास करेंगे।

मुख्य बिंदु

भारत और रूस के बीच आर्थिक व राजनयिक सम्बन्ध काफी पुराने हैं। अब इन संबंधों व्यापारिक संबंधों के माध्यम से और भी प्रगाढ़ किया जा रहा है। इसके लिए रूस भारत में बड़े पैमाने पर निवेश करेगा। राष्ट्रपति पुतिन ने भारत में एक परमाणु उर्जा प्लांट स्थापित करने के लिए भी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रूस को भारत में सागरमाला परियोजना, सड़क निर्माण, मेट्रो प्रोजेक्ट्स तथा बंदरगाहों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा औद्योगिक पार्क तथा आईटी पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा। रूसी कारोबारियों की सहायता के लिए भारत में रशिया प्लस नामक फोरम गठित किया गया है। यह फोरम रूसी कारोबारियों के लिए भारत में व्यापार सुगम बनाता है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

भारत और रूस के बीच एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली पर बनी सहमती

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान रूस ने भारत को एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली देने पर सहमती प्रकट की। यह सौदा 5.43 अरब डॉलर (लगभग 40,000 करोड़ रुपये) का है। इस सौदे के तहत रूस भारत को एस-400 ट्राइंफ सतह-से-हवा में मार कर सकने वाली मिसाइल के 5 स्क्वाड्रन प्रदान करेगा। यह भारत के सबसे बड़े रक्षा सौदों में से एक है।

क्या है एस-400?

यह एक हवाई सुरक्षा प्रणाली है, इसके द्वारा दुश्मन एयरक्राफ्ट को सतह से ही मार गिराया जा सकता है। यह विश्व की सबसे आधुनिक व कारगर मिसाइल रक्षा प्रणालियों में से एक है। यह जेट, मिसाइल तथा ड्रोन को 400 किलोमीटर के दायरे में नष्ट करने की क्षमता रखती है। यह एस-300 रक्षा प्रणाली का अपग्रेडेड संस्करण है। इसका निर्माण अल्माज़-अन्ते द्वारा किया जाता है।

भारत को इसकी आवश्यकता क्यों है?

भारत दोनों ओर से चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से घिरा हुआ, जिनसे भारत के सम्बन्ध अधिक मधुर नहीं हैं। पाकिस्तान के पास 20 फाइटर स्क्वाड्रन हैं, इसमें F-16 तथा J-17 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं। दूसरी  ओर चीन के 1700 फाइटर स्क्वाड्रन हैं। इसलिए भारत को आत्मरक्षा के लिए आधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली की आवश्कता है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement