व्लादिमीर पुतिन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिवसीय भारत के यात्रा पर 4 अक्टूबर को नईं दिल्ली पहुंचे। उनकी भारत यात्रा के दौरान कई रक्षा सौदों पर सहमती बन सकती है। रूस लम्बे समय से भारत का रक्षा साझेदार रहा है।

मुख्य बिंदु

व्लादिमीर पुतिन 19वें भारत-रूस द्विपक्षीय शिक्षर सम्मेलन में भाग लेंगे। रूसी राष्ट्रपति की इस यात्रा के दौरान कई रक्षा सौदे होने की उम्मीद है। इस दौरान एस-400 मिसाइल प्रणाली की खरीद पर सहमती बन सकती है, यह सौदा लगभग 5 अरब डॉलर का होगा। S-400 एक किस की हवाई सुरक्षा प्रणाली है, यह आधुनिक वेपन सिस्टम से सुसज्जित है। यह मिसाइल 400 किलोमीटर के दायरे में किसी भी दुश्मन मिसाइल को नष्ट कर सकती है। इसकी अधिकतम रेंज 400 किलोमीटर है, यह वर्तमान में विश्व की सबसे बेहतरीन रक्षा प्रणालियों में से एक है। इस यात्रा के दौरान क्रावक वर्ग के युद्ध पोत पर भी सहमती बन सकती है।

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चीन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मैत्री पदक से सम्मानित किया

चीन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चीन के सर्वश्रेष्ठ सम्मान पहले मैत्री पदक से सम्मानित किया. बीजिंग की राजधानी में ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित इस भव्य समारोह में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को यह पुरस्कार व्यक्तिगत रूप से दिया गया.

मुख्य बिंदु

चीन ने 2015 में स्थापित होने के बाद पहली बार इस पदक से सम्मानित किया था. चीन द्वारा यह मैत्री पदक केवल उन विदेशियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने चीन और दुनिया के बीच विनिमय और सहयोग को बढ़ावा देने और विश्व शांति बनाए रखने में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया हो.

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को यह पुरस्कार उनकी चीन की आधिकारिक राजकीय यात्रा के दौरान दिया गया जो कि क़िंगदाओ में 18 वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन का ही भाग है. 1990 के दशक से चीन और रूस परस्पर एक दूसरे का सहयोग कर रहे है. चीन के लिए, रूस हमेशा से अपना सबसे अच्छा मित्र रहा है और रूस के लिए, चीन श्रेष्ठ रणनीतिक साझेदार है. दिसंबर 2017 में, अमेरिका ने दोनों देशों को सामरिक प्रतिद्वंद्वियों के रूप में अंकित किया यदि अमेरिका दोनों देशों पर दबाव बढ़ाता है, तो वे संयुक्त रूप से अमेरिका से निपट भी सकते हैं.

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